पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास में संतुलन पर जोर: राज्यमंत्री संजय शर्मा!

Edited By Payal Choudhary, Updated: 20 Jan, 2026 05:51 PM

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राजस्थान सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने मंगलवार को राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) मुख्यालय, झालाना में विभागीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी...

राजस्थान सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने मंगलवार को राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) मुख्यालय, झालाना में विभागीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में मंडल की वार्षिक प्रगति, योजनाओं की स्थिति, नवाचारों, बजट घोषणाओं की क्रियान्विति और आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

“पर्यावरण से समझौता नहीं, नियम तोड़ने वालों पर सख्ती”

राज्यमंत्री संजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी करने वाली औद्योगिक इकाइयों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारियों को नियमित और औचक निरीक्षण के निर्देश दिए, ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।

नवाचारों और सुधारों के लिए आरएसपीसीबी की सराहना

समीक्षा बैठक में पर्यावरणीय मानदंडों का पालन करने वाले उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए अपनाए गए कई कदमों की सराहना की गई, जिनमें—

पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

बैठक के दौरान राज्यमंत्री संजय शर्मा ने आरएसपीसीबी मुख्यालय परिसर में पौधारोपण किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पौधारोपण अत्यंत आवश्यक है। साथ ही निर्देश दिए कि पौधारोपण कार्यक्रमों को औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित कर इसे व्यापक रूप दिया जाए।

विधानसभा प्रश्नों का समयबद्ध निस्तारण

आगामी विधानसभा सत्र को ध्यान में रखते हुए लंबित विधानसभा प्रश्नों पर भी चर्चा हुई। राज्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रश्नों के उत्तर पूर्ण तथ्यों के साथ तय समय-सीमा में तैयार किए जाएं, ताकि सदन को सटीक जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।

प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ विशेष अभियान

बैठक में प्लास्टिक प्रदूषण पर चिंता जताते हुए राज्यमंत्री ने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावी कचरा प्रबंधन, जन-जागरूकता और सख्त कार्रवाई के जरिए प्लास्टिक प्रदूषण पर नियंत्रण आवश्यक है।
उल्लेखनीय है कि प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के निर्माण, बिक्री, परिवहन या भंडारण की सूचना देने वाले सूचनाकर्ताओं को मंडल की ओर से 10,000 से 15,000 रुपये तक का पुरस्कार देने की योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

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