प्रदेश में शुरु हुआ सड़क सुरक्षा अभियान, विभागवार हो रही मॉनिटरिंग

Edited By Afjal Khan, Updated: 05 Nov, 2025 06:35 PM

road safety campaign launched in the state department wise monitoring underway

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार राज्य में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए राज्यभर में 4 नवम्बर से 18 नवम्बर तक 15 दिवसीय सड़क सुरक्षा अभियान शुरु किया गया है। प्रदेश में अभियान के तहत सड़क दुर्घटनाओं में कमी...

जयपुर, 05 नवम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार राज्य में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए राज्यभर में 4 नवम्बर से 18 नवम्बर तक 15 दिवसीय सड़क सुरक्षा अभियान शुरु किया गया है। प्रदेश में अभियान के तहत सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने तथा आपातकालीन सहायता प्रणाली को सुदृढ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा गृह विभाग से समेकित रिपोर्ट प्राप्त कर सड़क सुरक्षा अभियान की सघन मॉनिटरिंग की जा रही है।

इस अभियान के सफल संचालन हेतु विभागवार जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। पुलिस विभाग को इसकी नोडल एजेंसी एवं फील्ड को-ऑर्डिनेटर बनाया गया है, जो सम्पूर्ण प्रदेश में अभियान का फील्ड-लेवल समन्वय एवं पर्यवेक्षण सुनिश्चित कर रहा है। विभाग द्वारा शराब पीकर, तेज गति से, गलत दिशा में या खतरनाक तरीके से वाहन चलाने वालो के विरुद्ध विशेष प्रवर्तन अभियान शुरु किया जा रहा है तथा बिना रिफ्लेक्टर या नंबर प्लेट वाले वाहनों पर विधिक कार्रवाई प्रारंभ की गई है। सभी राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर संबधित थाना एवं यातायात टीमें प्रभावी कार्रवाई के लिए तैनात कर दी गई हैं। साथ ही,यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि हाईवे मोबाइल यूनिट एवं एम्बुलेस निर्धारित मानको के अनुसार कार्यरत है। सभी छह लेन राजमार्गों पर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-48 मॉडल के अनुरूप लेन ड्राइविंग सिस्टम लागू किया जाएगा।

शराब सेवन तथा ओवरस्पीड मामलों में चालकों के ड्राइविंग लाइसेस निलंबित

सड़क सुरक्षा अभियान में परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग द्वारा ओवरलोडिंग, अनाधिकृत संचालन, फिटनेस उल्लंघन इत्यादि पर सख्त कार्रवाई करने के साथ ही, शराब सेवन तथा ओवरस्पीड मामलों में चालकों के ड्राइविंग लाइसेस निलम्बन/निरस्तीकरण की कार्यवाही शुरु की गई है। विभाग द्वारा वाहन चेकिंग अभियान, रिफ्लेक्टर टेप लगवाने, सड़क सुरक्षा कार्यशालाएँ एवं जन जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

हटेंगे अवैध ढाबे और अनाधिकृत संरचनाएं

अभियान में सार्वजनिक निर्माण विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित संबंधित एजेंसियों द्वारा सभी राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर अनाधिकृत कट 15 दिनों में बंद किए जाएंगे। विभाग द्वारा सभी सड़को पर व्हाइट लाइनिंग कार्य कराने, डिवाइडर अथवा मीडियन पर रेलिंग या सुरक्षा जाल लगाने, सड़क किनारे झाड़ियाँ हटाने तथा पटरी एवं गड्डों की मरम्मत का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। नियमानुसार चेतावनी, संकेतक एवं साइन बोर्ड लगाने के साथ ही अवैध ढाबे, बस स्टैंड एवं अनाधिकृत संरचनाएं भी हटाना शुरु कर दिया गया है। दुर्घटना संभावित अनअटेंडेड पशुओं को सुरक्षित स्थान पर भेजने हेतु कार्ययोजना बनाने से लेकर सर्विस लेन तथा ट्रक चालकों हेतु विश्राम स्थलों की समीक्षा की जाएगी।

45 वर्ष से अधिक आयु के वाहन चालकों का होगा नेत्र परीक्षण

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी वाहन चालकों के नेत्र परीक्षण के लिए अभियान चलाया जाएगा। साथ ही, एम्बुलेंस की उपलब्धता, ट्रॉमा सेंटर एव निकटवर्ती अस्पतालो की व्यवस्थाओं को भी और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि प्रभावितों को त्वरित चिकित्सकीय सुविधा मिल सके। अभियान के तहत नगरीय विकास एवं स्थानीय निकाय विभाग द्वारा भी फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त करने के साथ ही ट्रैफिक सिग्नलिंग सिस्टम व सड़क प्रकाश व्यवस्था का दुरुस्तीकरण तथा जन-जागरूकता हेतु बैनर, पोस्टर एव डिजिटल डिस्प्ले लगाए जा रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में भारी वाहनों की नो एंट्री सीमा एवं समय निर्धारण का भी पुनः परीक्षण किया जा रहा है।

अत्यधिक समय तक वाहन चलवाने पर दंडात्मक कार्यवाही

सड़क सुरक्षा अभियान के तहत ट्रांसपोर्ट कपनियों पर चालकों से अत्यधिक समय तक वाहन चलवाने की शिकायतों की जांच कर श्रम विभाग द्वारा दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। चालकों के कार्य घंटे व विश्राम समय की पालना सुनिश्चित करने हेतु निरीक्षण एवं जागरूकता अभियान शुरु किया गया है। इस संबंध में सभी जिलों स्तरीय अधिकारियों द्वारा मॉनिटरिंग की जा रही है। 

जिला स्तर पर अभियान के प्रभावी संचालन के लिए जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से जिला सड़क सुरक्षा समिति के माध्यम से अभियान की मॉनिटरिंग की जा रही है। अभियान के माध्यम से एनजीओ, स्वयसेवी संस्थाएँ एव स्थानीय युवाओं को जोड़ने, तथा हेलमेट, सीट बेल्ट, मोबाइल उपयोग निषेध, डिपर उपयोग आदि का विशेष प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। साथ ही, दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाले नागरिकों को सम्मानित भी किया जा रहा है।
 

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