Edited By Anil Jangid, Updated: 30 Jul, 2026 12:29 PM

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में न्याय व्यवस्था को और अधिक सुलभ, प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए आठ जिलों में स्थाई लोक अदालतों के गठन को मंजूरी प्रदान की है। इस निर्णय से आम नागरिकों को न्याय प्राप्त...
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में न्याय व्यवस्था को और अधिक सुलभ, प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए आठ जिलों में स्थाई लोक अदालतों के गठन को मंजूरी प्रदान की है। इस निर्णय से आम नागरिकों को न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सरल, त्वरित और कम खर्चीली होगी।
मुख्यमंत्री के अनुमोदन के अनुसार फलौदी, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, बाड़मेर, डीग, कोटपूतली-बहरोड़ तथा सलूम्बर जिलों में नई स्थाई लोक अदालतें स्थापित की जाएंगी। इन अदालतों के संचालन से स्थानीय स्तर पर विवादों का शीघ्र निस्तारण संभव होगा और लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलेगी।
स्थाई लोक अदालतें वैकल्पिक विवाद समाधान की एक प्रभावी व्यवस्था हैं, जहां पक्षकारों के बीच आपसी सहमति और समझौते के आधार पर मामलों का समाधान किया जाता है। इससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होने के साथ-साथ नागरिकों के समय और धन दोनों की बचत होती है।
राज्य सरकार का मानना है कि नए जिलों में स्थाई लोक अदालतों की स्थापना से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी न्याय सेवाओं तक आसान पहुंच मिलेगी। इससे छोटे-छोटे दीवानी और सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े विवादों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह निर्णय राज्य में न्यायिक सेवाओं के विकेंद्रीकरण और सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न्याय प्रणाली अधिक पारदर्शी, सुलभ और जन-केंद्रित बनेगी। साथ ही, आमजन को बिना अनावश्यक कानूनी जटिलताओं के विवादों के समाधान का बेहतर विकल्प उपलब्ध होगा, जिससे प्रदेश में न्याय व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।