Edited By Anil Jangid, Updated: 26 Jun, 2026 01:16 PM

बाड़मेर। राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में स्थापित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) के उद्घाटन समारोह को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 4 जुलाई को प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम का स्वरूप पूरी...
बाड़मेर। राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में स्थापित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) के उद्घाटन समारोह को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 4 जुलाई को प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम का स्वरूप पूरी तरह बदल दिया गया है। पहले जहां इस अवसर पर लाखों लोगों की विशाल जनसभा आयोजित करने की तैयारी थी, वहीं अब कार्यक्रम रिफाइनरी परिसर के भीतर सीमित आमंत्रितों की मौजूदगी में आयोजित किए जाने की योजना बनाई गई है।
जानकारी के अनुसार, समारोह अब रिफाइनरी के सुरक्षित परिसर में ही आयोजित होगा, जहां करीब 5,000 विशेष आमंत्रित अतिथि, स्थानीय ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल होंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद विस्तृत कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा 4 जुलाई की तिथि घोषित किए जाने के बाद जिला प्रशासन और पेट्रोलियम विभाग ने बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी थीं। रिफाइनरी के बाहर विशाल पंडाल, जर्मन डोम और बैठक व्यवस्था का निर्माण भी तेजी से चल रहा था। हालांकि गुरुवार सुबह अचानक निर्माण कार्य रोक दिया गया, जिसके बाद मजदूरों और ठेकेदारों को नए प्रशासनिक निर्देशों का इंतजार करना पड़ा।
सूत्रों के मुताबिक कार्यक्रम के स्वरूप में बदलाव के पीछे सुरक्षा और मौसम दोनों प्रमुख कारण हैं। इससे पहले 21 अप्रैल को प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम को अंतिम समय में रद्द करना पड़ा था, क्योंकि समारोह से एक दिन पहले रिफाइनरी की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में भीषण आग लग गई थी। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े सार्वजनिक आयोजन को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी थी।
इसके अलावा जुलाई में पश्चिमी राजस्थान में पड़ने वाली भीषण गर्मी, उमस और धूलभरी हवाओं को देखते हुए लाखों लोगों की भीड़ को खुले मैदान में एकत्र करना प्रशासनिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण माना गया। रिफाइनरी जैसे संवेदनशील औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए भी सीमित कार्यक्रम का निर्णय लिया गया है।
अब प्रशासन का पूरा फोकस रिफाइनरी परिसर के भीतर उच्च सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी तैयारियों और वीवीआईपी प्रोटोकॉल के अनुरूप मंच तैयार करने पर है। सुरक्षा की कमान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हाथों में रहेगी और पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखी जाएगी। कार्यक्रम को लेकर अंतिम आधिकारिक रूपरेखा प्रधानमंत्री कार्यालय की स्वीकृति के बाद जारी होने की संभावना है।