Edited By Anil Jangid, Updated: 19 Jun, 2026 03:47 PM

जयपुर: राजस्थान में लगातार सामने आ रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों के बीच टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने को लेकर हो रही चर्चाओं पर संयुक्त अभिभावक संघ ने कड़ा विरोध जताया है।
जयपुर: राजस्थान में लगातार सामने आ रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों के बीच टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने को लेकर हो रही चर्चाओं पर संयुक्त अभिभावक संघ ने कड़ा विरोध जताया है। संघ ने इसे सरकार की विफलता को छिपाने का प्रयास बताया है और कहा है कि असली समस्या तकनीकी प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि संगठित पेपर लीक माफिया और प्रशासनिक लापरवाही है।
संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि सरकार का यह रुख यह संकेत देता है कि वह अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय माध्यमों को दोषी ठहराने में अधिक रुचि रखती है। उन्होंने कहा कि टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग वास्तविक समस्या का समाधान नहीं है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी अपराध का दुरुपयोग हो रहा हो तो उसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों और गिरोहों पर कार्रवाई होनी चाहिए, न कि उस माध्यम पर ही रोक लगा दी जाए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मामलों में असली दोषी वे लोग हैं जो इस पूरे नेटवर्क को संचालित करते हैं, जिनमें कुछ अधिकारी और संगठित गिरोह शामिल हो सकते हैं।
संघ का कहना है कि टेलीग्राम और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म लाखों छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए अध्ययन सामग्री, ऑनलाइन कक्षाओं और शैक्षणिक संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में इन पर प्रतिबंध लगाने की बजाय सिस्टम को मजबूत करना ज्यादा जरूरी है।
संयुक्त अभिभावक संघ ने सरकार से मांग की है कि परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को मजबूत किया जाए, प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग और वितरण प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच हो, और पेपर लीक में शामिल सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
संघ ने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर सरकार को ठोस और पारदर्शी कदम उठाने होंगे, ताकि परीक्षा प्रणाली में जनता का विश्वास बहाल हो सके।