Edited By Ishika Jain, Updated: 17 Apr, 2026 03:46 PM

दौसा-अलवर क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात के रूप में महवा से राजगढ़ वाया मंडावर नेशनल हाईवे-921 को फोरलेन बनाने की दिशा में काम तेज हो गया है। 862 करोड़ रुपए की इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 1 जून को टेंडर खोले जाएंगे। इसके बाद...
दौसा-अलवर क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात के रूप में महवा से राजगढ़ वाया मंडावर नेशनल हाईवे-921 को फोरलेन बनाने की दिशा में काम तेज हो गया है। 862 करोड़ रुपए की इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 1 जून को टेंडर खोले जाएंगे। इसके बाद दिसंबर से पहले निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
करीब 50 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फोरलेन बनने के बाद इस सड़क पर सफर न सिर्फ आसान होगा, बल्कि यात्रियों का करीब 30 मिनट समय भी बचेगा।
एक्सप्रेस-वे से मिलेगा सीधा जुड़ाव
इस परियोजना की खास बात यह है कि फोरलेन बनने के बाद यह मार्ग सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जुड़ जाएगा। अलवर की ओर से आने-जाने वाले वाहन पिनान इंटरचेंज के जरिए एक्सप्रेस-वे तक पहुंच सकेंगे। इससे भरतपुर और आगरा की दिशा में जाने वाले यात्रियों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।
श्रद्धालुओं को जाम से राहत
इस मार्ग के विकसित होने से मेहंदीपुर बालाजी और कैलादेवी धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को भी काफी राहत मिलेगी। वर्तमान में जाम और संकरी सड़क के कारण यात्रा में काफी समय लगता है, जो अब काफी कम हो जाएगा।
बाइपास, पुल और आरओबी का निर्माण
परियोजना के तहत मंडावर में रेलवे ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इसके अलावा महवा (4.5 किमी), मंडावर (4 किमी) और गढ़ी सवाईराम (2.3 किमी) में बाइपास बनाए जाएंगे, जिससे आबादी क्षेत्रों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
महवा के पास बाणगंगा नदी पर एक बड़ा पुल भी प्रस्तावित है।
टोल प्लाजा और अतिरिक्त लेन की सुविधा
फोरलेन बनने के बाद ऊकरूंद के पास टोल प्लाजा बनाया जाएगा। साथ ही आबादी वाले क्षेत्रों में बस-लेन (अतिरिक्त लेन) की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए आवागमन सुरक्षित और सुगम हो सके।
फिलहाल महवा से राजगढ़ तक टू-लेन सड़क होने के कारण यात्रा में करीब सवा घंटा लगता है, लेकिन फोरलेन बनने के बाद यह समय घटकर लगभग 45 मिनट रह जाएगा।