Edited By Ishika Jain, Updated: 16 Apr, 2026 02:40 PM

दौसा जिले में कृषि विभाग ने उर्वरकों की कालाबाजारी और अनियमितताओं पर सख्ती दिखाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। निरीक्षण अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 7 खाद-बीज विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए है।
दौसा जिले में कृषि विभाग ने उर्वरकों की कालाबाजारी और अनियमितताओं पर सख्ती दिखाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। निरीक्षण अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 7 खाद-बीज विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए है।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) रामराज मीना ने बताया कि जिलेभर में विक्रेताओं के दुकानों और गोदामों की लगातार जांच की जा रही है। जांच के दौरान कई जगहों पर पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और वास्तविक स्टॉक में अंतर मिला। इसके अलावा कई विक्रेताओं ने अपने प्रतिष्ठानों पर स्टॉक और मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं की थी।
कुछ स्थानों पर स्टॉक रजिस्टर सही तरीके से नहीं मिला, वहीं लाइसेंस से जुड़े आवश्यक दस्तावेज भी अधूरे पाए गए। इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए विभाग ने तत्काल प्रभाव से संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए।
कार्रवाई की जद में आने वालों में खंडेलवाल ट्रेडर्स (सिकंदरा चौराहा), कसाना खाद-बीज भंडार, महावीर खाद-बीज भंडार, आरएस खाद-बीज भंडार (सभी सिकंदरा), राठौर खाद-बीज भंडार (ठीकरिया), श्री जी एग्रोटेक (लवाण) और कल्याण सहाय राकेश कुमार (कुंडल) शामिल हैं।
कृषि विभाग ने साफ किया है कि खाद की कालाबाजारी या नियमों में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले समय में भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
साथ ही किसानों से अपील की गई है कि वे जरूरत के अनुसार ही उर्वरक खरीदें और अनावश्यक भंडारण से बचें। जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है।