गहलोत की सलाह पर किरोड़ी लाल मीणा का पलटवार: मैं AC में नहीं, जमीन पर काम करता हूं

Edited By Anil Jangid, Updated: 13 Jun, 2026 01:46 PM

kirodi lal meena hits back at ashok gehlot over raid remarks

जयपुर। राजस्थान की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है। छापेमारी की कार्रवाई को लेकर दोनों नेताओं के बीच तीखा शब्दों का आदान-प्रदान सामने आया है, जिससे राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।

जयपुर। राजस्थान की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है। छापेमारी की कार्रवाई को लेकर दोनों नेताओं के बीच तीखा शब्दों का आदान-प्रदान सामने आया है, जिससे राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।

 

मामला तब शुरू हुआ जब Ashok Gehlot ने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को सलाह देते हुए कहा कि मंत्री को खुद छापेमारी की कार्रवाई में शामिल नहीं होना चाहिए। गहलोत ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में मंत्री की भूमिका केवल निगरानी तक सीमित होनी चाहिए, जबकि छापे अधिकारियों द्वारा किए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि छापेमारी के दौरान किसी तरह का विवाद या टकराव मंत्री पद की गरिमा के लिए उचित नहीं है।

 

इसके जवाब में कृषि मंत्री Kirodi Lal Meena ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वे अन्य नेताओं की तरह एसी कमरों में बैठकर राजनीति नहीं करते, बल्कि जमीन पर उतरकर किसानों की मदद करते हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले कार्यकाल में भी उन्होंने भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसे मामलों को लगातार उठाया था और किसी को “आराम से बैठने नहीं दिया था।”

 

मीणा ने नकली खाद-बीज और कृषि क्षेत्र में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे अभियान का हवाला देते हुए कहा कि किसानों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं।

 

यह विवाद उस घटना के बाद और बढ़ गया जब कृषि मंत्री ने जयपुर जिले के कानोता क्षेत्र में एक बायो फर्टिलाइजर फैक्टरी पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान उन्होंने नकली खाद-बीज और अवैध उत्पादों के खिलाफ अभियान को मजबूत करने की बात कही और चेतावनी दी कि किसानों को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

 

विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच यह जुबानी जंग अब राज्य की राजनीति में एक नया मुद्दा बन गई है। जहां एक ओर गहलोत मंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर किरोड़ी लाल मीणा इसे किसानों के हित में जरूरी कदम बता रहे हैं।

 

कुल मिलाकर, Rajasthan की राजनीति में यह विवाद प्रशासनिक भूमिका, राजनीतिक जिम्मेदारी और छापेमारी की वैधता को लेकर नई बहस छेड़ रहा है।

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!