Edited By Anil Jangid, Updated: 24 Apr, 2026 06:45 PM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विकास नगर क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद बेघर हुए परिवारों की मदद के लिए राजस्थान के जोधपुर से पहुंची एक टीम ने अद्वितीय राहत कार्यों का प्रदर्शन किया। आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ धवल दर्जी और उनकी संस्था "ट्रू...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विकास नगर क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद बेघर हुए परिवारों की मदद के लिए राजस्थान के जोधपुर से पहुंची एक टीम ने अद्वितीय राहत कार्यों का प्रदर्शन किया। आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ धवल दर्जी और उनकी संस्था "ट्रू होप फाउंडेशन" ने प्रभावित क्षेत्र में 100 ताप-रोधी शेल्टर तैयार कर लोगों को गर्मी और लू से राहत देने की महत्वपूर्ण पहल की।
इस अग्निकांड के बाद बड़ी संख्या में परिवार अपने घरों से बेघर हो गए थे और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए थे। ऐसे में ट्रू होप फाउंडेशन ने 10x20 फीट आकार के शेल्टर बनाए, जो तेज धूप और गर्मी से बचाव करने के उद्देश्य से स्थापित किए गए थे। इन शेल्टरों के भीतर का तापमान बाहर के मुकाबले 5 से 8 डिग्री तक कम रहता है, जिससे वहां रहने वाले लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलती है।
ट्रू होप फाउंडेशन की टीम ने न केवल अस्थायी आश्रय तैयार किया, बल्कि प्रभावित परिवारों को अन्य जरूरी सहायता भी प्रदान की। शेल्टर में आने वाले लोग गर्मी से बचने के साथ-साथ अपने दैनिक जीवन की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो सके। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे राहत कार्यों में बहुत उपयोगी बताया।
धवल दर्जी ने बताया कि उनका उद्देश्य सिर्फ राहत सामग्री पहुंचाना नहीं था, बल्कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित और उपयोगी अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराना था। उन्होंने कहा कि राजस्थान की गर्म परिस्थितियों में किए गए उनके कार्यों का अनुभव अब जरूरतमंदों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है, ताकि आपदा प्रभावित लोगों की मदद की जा सके।
ट्रू होप फाउंडेशन की यह पहल न केवल राहत कार्यों का हिस्सा बन गई, बल्कि एक मिसाल भी कायम कर गई, जिससे अन्य संस्थाओं को भी प्रेरणा मिली।