Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 26 May, 2026 05:19 PM

डूंगरपुर में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को रोकने के लिए जिला पुलिस ने “जीवन री रक्षा” अभियान की शुरुआत की है।
डूंगरपुर में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को रोकने के लिए जिला पुलिस ने “जीवन री रक्षा” अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत विजयाराजे सिंधिया ऑडिटोरियम में सड़क सुरक्षा कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें पुलिस, यूनिसेफ और कई सरकारी विभागों ने मिलकर लोगों को सड़क सुरक्षा का संदेश दिया।
कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने कहा कि जिले में हत्या के मुकाबले सड़क हादसों में 10 गुना ज्यादा मौतें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना है। यूनिसेफ राजस्थान की बाल संरक्षण सलाहकार सिंधु बिनुजीत ने अभियान की सराहना करते हुए सभी वर्गों को इससे जोड़ने की अपील की। उन्होंने शराब विक्रेताओं से ड्रिंक एंड ड्राइव रोकने में सहयोग करने का आह्वान किया।
कार्यशाला में परिवहन विभाग, आबकारी विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल अधिकारिता विभाग सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा पुलिस मित्र, सुरक्षा सखी, मैकेनिक एसोसिएशन, पेट्रोल पंप संचालक और ऑटोमोबाइल डीलर्स ने भी भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा पोस्टरों का विमोचन किया गया और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को हेलमेट, सीट बेल्ट और सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक किया गया।
पुलिस ने पेट्रोल पंप संचालकों से बिना हेलमेट आने वाले लोगों को समझाने और शराब दुकानों के संचालकों से युवाओं को शराब पीकर वाहन नहीं चलाने के लिए प्रेरित करने की अपील की।
कार्यशाला में महिलाओं को “सुरक्षा सखी” बनने का संदेश भी दिया गया। महिलाओं से कहा गया कि वे अपने परिवार के सदस्यों को हेलमेट पहनकर ही घर से निकलने के लिए प्रेरित करें।