Edited By Anil Jangid, Updated: 20 Jul, 2026 02:22 PM

डूंगरपुर। राजस्थान के डूंगरपुर जिले में चांदीपुरा वायरस (CHPV) संक्रमण की आशंका से स्वास्थ्य विभाग में सतर्कता बढ़ा दी गई है। जिले के रतनपुरा गांव की छह वर्षीय बच्ची की गुजरात के हिम्मतनगर स्थित सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत के बाद प्रशासन...
डूंगरपुर। राजस्थान के डूंगरपुर जिले में चांदीपुरा वायरस (CHPV) संक्रमण की आशंका से स्वास्थ्य विभाग में सतर्कता बढ़ा दी गई है। जिले के रतनपुरा गांव की छह वर्षीय बच्ची की गुजरात के हिम्मतनगर स्थित सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
जानकारी के अनुसार, रतनपुरा गांव की रहने वाली छह वर्षीय रिंकू को 13 जुलाई 2026 की शाम अचानक उल्टियां होने लगीं। परिजन उसे तुरंत सीमलवाड़ा के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। बच्ची की हालत गंभीर होने पर उसे गुजरात के मोडासा और बाद में हिम्मतनगर के सरकारी अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान 15 जुलाई 2026 को बच्ची की मौत हो गई।
हिम्मतनगर अस्पताल में बच्ची के नमूने लिए गए और मामले की जानकारी गुजरात सरकार को दी गई। चूंकि बच्ची राजस्थान के डूंगरपुर जिले की रहने वाली थी, इसलिए गुजरात स्वास्थ्य विभाग ने राजस्थान स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दी। इसके बाद जयपुर मुख्यालय के निर्देश पर डूंगरपुर प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में निगरानी और जांच अभियान शुरू कर दिया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अलंकार गुप्ता ने बताया कि रतनपुरा गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात कर दी गई हैं। प्रभावित क्षेत्र में अब तक 353 लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। मेडिकल टीमें घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं और संदिग्ध लक्षण मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की रोकथाम के लिए साफ-सफाई, निगरानी और जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। ग्रामीणों को बुखार, उल्टी, कमजोरी या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी जा रही है।
चांदीपुरा वायरस एक संक्रामक वायरस है, जो मच्छर, किलनी और रेत मक्खी जैसे वाहकों के माध्यम से फैल सकता है। यह वायरस खासतौर पर 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है। इसके संक्रमण में तेज बुखार, फ्लू जैसे लक्षण और मस्तिष्क में सूजन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाके में चिकित्सा गतिविधियां जारी हैं।