Edited By Ishika Jain, Updated: 17 Jul, 2026 05:53 PM

डूंगरपुर के सागवाड़ा में कोर्ट के आदेश पर जल संसाधन विभाग की 1200 वर्गफीट जमीन की नीलामी हुई। विभाग द्वारा 19.53 लाख रुपये की बकाया राशि जमा नहीं कराने पर कार्रवाई की गई।
डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा में जल संसाधन विभाग की एक संपत्ति को न्यायालय के आदेश पर सार्वजनिक नीलामी के जरिए बेचा गया। विभाग द्वारा निर्धारित समय सीमा में बकाया राशि जमा नहीं कराने के बाद यह कार्रवाई की गई। नीलामी में करीब 1200 वर्गफीट भूमि के लिए 61 लाख रुपये की सर्वाधिक बोली प्राप्त हुई।
यह मामला वर्ष 2013 में लोडेश्वर बांध की ऊंचाई बढ़ाने से जुड़े निर्माण कार्य का है। उस समय जल संसाधन विभाग ने एक निजी कंपनी को कार्य आवंटित किया था, लेकिन परियोजना बीच में ही रुक गई। इसके बाद भुगतान संबंधी विवाद न्यायालय पहुंचा।
उदयपुर स्थित कमर्शियल कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद एससीएल इंफ्राबिल्ड लिमिटेड के पक्ष में फैसला सुनाते हुए जल संसाधन विभाग को बकाया राशि, ब्याज और वाद व्यय का भुगतान करने का निर्देश दिया था। न्यायालय ने विभाग को 14 जुलाई तक लगभग 19.53 लाख रुपये जमा कराने का आदेश दिया था। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया था कि समय पर भुगतान नहीं होने की स्थिति में विभाग की संपत्ति की सार्वजनिक नीलामी की जाएगी।
निर्धारित समय सीमा तक राशि जमा नहीं होने पर शुक्रवार को सागवाड़ा स्थित जल संसाधन विभाग कार्यालय परिसर की करीब 1200 वर्गफीट जमीन की नीलामी की प्रक्रिया पूरी की गई। नीलामी में 61 लाख रुपये की सबसे अधिक बोली लगी।
जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता (एईएन) मोहित पाटीदार ने बताया कि लोडेश्वर बांध परियोजना से जुड़े विवाद के बाद न्यायालय ने विभाग को भुगतान करने के निर्देश दिए थे। समय पर राशि जमा नहीं होने के कारण अदालत के आदेशानुसार नीलामी की कार्रवाई करनी पड़ी।
सरकारी विभाग की संपत्ति की न्यायालय के आदेश पर हुई इस नीलामी को जिले में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।