खाली भूखंडों में गंदगी फैलाने वालों पर सरकार सख्त, 3 दिन का अल्टीमेटम; डूंगरपुर में अब ₹15 हजार तक जुर्माना

Edited By Sourabh Dubey, Updated: 30 Oct, 2026 04:53 PM

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राजस्थान के नगरीय क्षेत्रों में खाली भूखंडों पर कचरा डालने और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई होगी। स्वायत्त शासन विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को खाली भूखंडों की सफाई सुनिश्चित करवाने के निर्देश जारी किए हैं।

डूंगरपुर। राजस्थान के नगरीय क्षेत्रों में खाली भूखंडों पर कचरा डालने और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई होगी। स्वायत्त शासन विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को खाली भूखंडों की सफाई सुनिश्चित करवाने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत भूखंड मालिकों को सार्वजनिक सूचना के माध्यम से तीन दिन का समय दिया जाएगा। निर्धारित अवधि में सफाई नहीं करवाने पर नगर निकाय अपने स्तर पर सफाई करवाकर उसका खर्च संबंधित भूखंड मालिक से वसूल सकेंगे। इसके साथ ही नियमानुसार जुर्माना भी लगाया जाएगा।

स्वायत्त शासन विभाग ने 31 जुलाई 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किए थे। आदेशों की पालना में डूंगरपुर नगर परिषद ने भी शहर में खाली भूखंडों की सफाई और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।

डूंगरपुर में पहले सफाई, अब जुर्माना वसूली की तैयारी

सभापति सुशीला गुप्ता के नेतृत्व में नगर परिषद की ओर से शहर के ऐसे खाली भूखंडों को चिह्नित किया गया, जहां लंबे समय से कचरा और कंटीली झाड़ियां जमा थीं। परिषद ने कई भूखंडों की अपने स्तर पर सफाई करवाने के साथ वहां स्वच्छता संबंधी बोर्ड भी लगाए हैं।

इसके बावजूद जिन भूखंड मालिकों ने सफाई के बाद भी निर्धारित जुर्माना राशि जमा नहीं करवाई है, उनसे अब 10 हजार रुपये के बजाय 15 हजार रुपये तक जुर्माना वसूलने की तैयारी की जा रही है। परिषद का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं, बल्कि भूखंड मालिकों को अपनी संपत्ति की नियमित सफाई के प्रति जिम्मेदार बनाना है।

तीन दिन में सफाई नहीं तो नगर परिषद करेगी कार्रवाई

स्वायत्त शासन विभाग के निर्देशों के अनुसार नगरीय निकाय स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से सार्वजनिक सूचना जारी करेंगे। इसके जरिए खाली भूखंड मालिकों को तीन दिन के भीतर कचरा, गंदगी और झाड़-झंखाड़ हटाने के लिए कहा जाएगा।

समय सीमा पूरी होने के बाद भी सफाई नहीं होने पर निकाय नियमानुसार कार्रवाई कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर नगर परिषद स्वयं सफाई करवाकर उसका खर्च संबंधित भूखंड मालिक से वसूल करेगी। अधिकारियों को कार्रवाई की पालना रिपोर्ट सात दिन के भीतर निदेशालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सड़क पर निर्माण सामग्री फैलाई तो होगी जब्ती

नगर परिषद ने भवन निर्माण करवाने वाले लोगों को भी चेतावनी दी है। रेत, गिट्टी, ईंट और अन्य निर्माण सामग्री सड़क या नालियों में फैलाने वालों को तीन दिन के भीतर सामग्री हटाकर स्थल साफ करवाना होगा। ऐसा नहीं करने पर नियमानुसार सामग्री जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।

पोस्टर-बैनर लगाने वालों पर भी होगी कार्रवाई

शहर की सुंदरता बिगाड़ने वालों पर भी नगर परिषद सख्ती बरतेगी। सार्वजनिक दीवारों, चौराहों, बिजली के पोल, डिवाइडर और सार्वजनिक शौचालयों पर पोस्टर, बैनर और पेम्फलेट चिपकाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सभापति सुशीला गुप्ता की शहरवासियों से अपील

नगर परिषद सभापति सुशीला गुप्ता ने कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की जिम्मेदारी केवल नगर परिषद की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी है। खाली भूखंडों में जमा गंदगी से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। इससे मच्छर पनपने, दुर्गंध फैलने और बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है।

उन्होंने भूखंड मालिकों से अपनी संपत्ति की नियमित सफाई करवाने और शहरवासियों से कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालने की अपील की। नगर परिषद का लक्ष्य स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के साथ स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन करना है।

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