डूंगरपुर में दीपावली पर सेवा की अनूठी पहल, के.के. गुप्ता ने 200 बच्चों को पहनाए नए जूते

Edited By Sourabh Dubey, Updated: 29 Oct, 2026 06:04 PM

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दीपावली की खुशियां हर बच्चे तक पहुंचाने के उद्देश्य से डूंगरपुर में सेवा और समर्पण की अनूठी पहल की गई। स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर एवं भामाशाह के.के. गुप्ता ने जरूरतमंद बच्चों को अपने हाथों से नए जूते पहनाए। वहीं, नगर परिषद सभापति सुशीला गुप्ता ने भी...

डूंगरपुर। दीपावली की खुशियां हर बच्चे तक पहुंचाने के उद्देश्य से डूंगरपुर में सेवा और समर्पण की अनूठी पहल की गई। स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर एवं भामाशाह के.के. गुप्ता ने जरूरतमंद बच्चों को अपने हाथों से नए जूते पहनाए। वहीं, नगर परिषद सभापति सुशीला गुप्ता ने भी सरकारी विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को जूते वितरित किए। इस अभियान के तहत अब तक करीब 200 बच्चों को नए जूते उपलब्ध कराए जा चुके हैं। पहल का उद्देश्य है कि दीपावली पर कोई भी बच्चा नंगे पैर न रहे और त्योहार की खुशियों से वंचित न हो।

आश्रम छात्रावास में बच्चों को पहनाए जूते

राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद के आश्रम छात्रावास, डूंगरपुर में आयोजित पदवेश वितरण कार्यक्रम में के.के. गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने छात्रावास के बालकों को नए जूते वितरित किए और कई बच्चों को अपने हाथों से जूते पहनाए। नए जूते पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली।

कार्यक्रम में प्रदेश छात्रावास आयाम प्रमुख शंकर पटेल, नगर अध्यक्ष धनेश्वर पंड्या, विभाग संगठन मंत्री बाबूलाल परमार, अमित टेलर, गोपाल मराठा और मुकेश श्रीमाल सहित छात्रावास के बालक मौजूद रहे।

सरकारी स्कूलों में भी पहुंचा सेवा अभियान

इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए नगर परिषद सभापति सुशीला गुप्ता पार्षदों के साथ सरकारी विद्यालयों में पहुंचीं। उन्होंने महात्मा गांधी विद्यालय, लोहारवाड़ा और बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, नवाडेरा में विद्यार्थियों को जूते वितरित किए। इस दौरान बच्चों को अपने हाथों से जूते पहनाकर उनका उत्साह भी बढ़ाया गया।

अभियान के तहत करीब 200 बच्चों को जूते उपलब्ध कराए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ उनमें आत्मविश्वास और अपनत्व की भावना विकसित करना भी है।

कार्यक्रम में पार्षद माया सुथार, बीना लबाना, नीता सोमपुरा, वर्षा चौबीसा, माया ननोमा और लक्ष्मी सेवक सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

'निर्धनों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा'

के.के. गुप्ता ने कहा कि निर्धनों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। दीपावली केवल अपने घर को रोशन करने का पर्व नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में खुशियों का उजाला लाने का अवसर भी है। समाज के सक्षम लोगों को जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए, ताकि त्योहार की खुशियां हर घर तक पहुंच सकें।

उन्होंने कहा कि दीपावली तक बच्चों को जूते वितरित करने का अभियान जारी रहेगा। उनका प्रयास है कि किसी भी बच्चे को पुराने या टूटे जूतों के कारण असहज महसूस न करना पड़े और किसी को नंगे पैर रहने की मजबूरी न झेलनी पड़े।

गैप सागर की पाल पर बनी नेकी की दीवार, जरूरतमंदों को मिलेगी मदद

दीपावली पर जरूरतमंद परिवारों तक खुशियां पहुंचाने के लिए नगर परिषद की ओर से गैप सागर की पाल पर 'नेकी की दीवार' बनाई गई है। नगर परिषद सभापति सुशीला गुप्ता ने शहरवासियों से अपील की है कि घरों की सफाई के दौरान निकलने वाले उपयोगी पुराने कपड़े, जूते, खिलौने और अन्य सामान फेंकने के बजाय नेकी की दीवार पर दान करें।

उन्होंने कहा कि शहर में कई ऐसे जरूरतमंद परिवार हैं, जिनके लिए नए कपड़े, जूते और बच्चों के खिलौने खरीदना आसान नहीं है। ऐसे में लोगों के घरों में रखी उपयोगी वस्तुएं इन परिवारों के लिए मददगार साबित हो सकती हैं।

सभापति ने शहरवासियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि अच्छी स्थिति में मौजूद वस्तुओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाकर उनकी दीपावली भी खुशियों से रोशन की जा सकती है।

नगर परिषद की इस पहल और बच्चों को जूते वितरित करने के अभियान के माध्यम से दीपावली पर सेवा, सहयोग और सामाजिक सरोकार का संदेश दिया जा रहा है।

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