Edited By Ishika Jain, Updated: 08 Jun, 2026 06:09 PM

डूंगरपुर जिले में पंचायतीराज संस्थाओं के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन और जिला परिषद अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा तथा...
डूंगरपुर जिले में पंचायतीराज संस्थाओं के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन और जिला परिषद अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा तथा जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि विभागीय कर्मचारियों की विभिन्न मांगें लंबे समय से लंबित हैं। उनका आरोप है कि मंत्रालयिक संवर्ग से जुड़े हजारों कर्मचारियों की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
संगठन ने मांग की है कि ग्राम पंचायतों में कार्यरत कनिष्ठ और वरिष्ठ सहायकों के लिए स्पष्ट जॉब-चार्ट जारी किया जाए तथा प्रशासनिक कार्यों में उन्हें आवश्यक अधिकार प्रदान किए जाएं। इसके अलावा पंचायतों में वित्तीय कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए वर्तमान व्यवस्था में सुधार कर बहुस्तरीय सत्यापन प्रणाली लागू करने की मांग भी उठाई गई है।
कर्मचारियों ने कैडर पुनर्गठन, पदोन्नति के अवसर बढ़ाने, अंतरजिला स्थानांतरण नीति में राहत देने और शैक्षणिक योग्यता व वेतनमान से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार से निर्णय लेने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इन विषयों पर लंबे समय से कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन के जिला अध्यक्ष कांतिलाल ने बताया कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो कर्मचारी 10 जून से 16 जून तक आधे दिन का कार्य बहिष्कार करेंगे।
संगठन ने उम्मीद जताई है कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और लंबित मामलों का जल्द समाधान निकालेगी, ताकि प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।