Edited By Ishika Jain, Updated: 21 Jul, 2026 01:02 PM

डूंगरपुर में शौर्य फाउंडेशन पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से लाखों रुपये लेने का आरोप लगा है। पीड़ितों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की।
डूंगरपुर जिले में शौर्य फाउंडेशन पर सरकारी स्कूलों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपये लेने के आरोप सामने आए हैं। पीड़ित अभ्यर्थियों ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पीड़ितों का आरोप है कि वर्ष 2024 में शौर्य फाउंडेशन की ओर से भर्ती संबंधी विज्ञापन जारी किया गया था। इसके तहत सरकारी स्कूलों में नियुक्ति का भरोसा दिलाते हुए प्रत्येक अभ्यर्थी से करीब 1.50 लाख रुपये जमा कराए गए। युवाओं का कहना है कि उन्हें नियुक्ति पत्र भी दिए गए, जिसके बाद उन्होंने संबंधित स्कूलों में कार्य करना शुरू कर दिया।
अभ्यर्थियों के अनुसार उन्होंने तीन से चार महीने तक स्कूलों में नियमित सेवाएं दीं। उन्हें हर माह 12,700 रुपये मानदेय देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन एक भी महीने का भुगतान नहीं किया गया। मानदेय नहीं मिलने पर उन्होंने काम बंद कर दिया और फाउंडेशन व उसके प्रतिनिधियों से अपनी जमा राशि तथा बकाया भुगतान की मांग की।
पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें लगातार भुगतान का आश्वासन देकर टालमटोल किया जाता रहा। उनका कहना है कि एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो जमा कराई गई राशि वापस मिली और न ही मानदेय का भुगतान किया गया। कुछ अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि भरोसा दिलाने के लिए उन्हें एक चेक दिया गया था, लेकिन बैंक में जानकारी लेने पर संबंधित खाते में पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं थी।
प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई करने तथा पीड़ितों की जमा राशि वापस दिलाने की मांग की है।