डूंगरपुर नगर परिषद में हर काम की समय सीमा तय, 7 दिन में निपटेंगी पट्टे और निर्माण स्वीकृति की फाइलें

Edited By Sourabh Dubey, Updated: 12 Oct, 2026 06:12 PM

dungarpur municipal council kk gupta 7 day file clearance

शहर की स्वच्छता और सुंदरता के बाद अब नगर परिषद में कामकाज की व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया जा रहा है। स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर केके गुप्ता ने सोमवार को नगर परिषद कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक लेकर लंबित फाइलों का निस्तारण करने और...

डूंगरपुर। शहर की स्वच्छता और सुंदरता के बाद अब नगर परिषद में कामकाज की व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया जा रहा है। स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर केके गुप्ता ने सोमवार को नगर परिषद कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक लेकर लंबित फाइलों का निस्तारण करने और आमजन के कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी लेकर किया गया काम समय पर पूरा होता है। ऐसे में सभी अधिकारी-कर्मचारी पूरी निष्ठा से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें, ताकि शहरवासियों को अपने काम के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।

बैठक में नगर परिषद सभापति सुशीला गुप्ता, आयुक्त ललित सिंह देथा सहित सभी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

सात दिन में निस्तारित होंगी महत्वपूर्ण फाइलें

केके गुप्ता ने सभापति और आयुक्त को निर्देश दिए कि पट्टे, उपविभाजन, नामांतरण और निर्माण स्वीकृति से संबंधित फाइलों का निस्तारण सात दिन के भीतर सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और नगर परिषद में जीरो पेंडेंसी का लक्ष्य हासिल करने पर जोर दिया गया।

उन्होंने कहा कि नगर परिषद में ऐसी कार्यप्रणाली विकसित होनी चाहिए, जिससे आमजन को अपने काम के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़े। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह निर्धारित समय सीमा में काम पूरा करे।

केके गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के प्रत्येक शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में स्थानीय निकायों की महत्वपूर्ण भूमिका है। डूंगरपुर नगर परिषद भी इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।

कैमरों से होगी निगरानी, गंदे प्लॉटों की कराई जा रही सफाई

बैठक में शहर की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर किए जा रहे प्रयासों की भी चर्चा हुई। केके गुप्ता ने कहा कि सभापति और उपसभापति के नेतृत्व में शहर की स्वच्छता और सुंदरता के लिए किए जा रहे नवाचारों का असर दिखाई देने लगा है।

सभापति सुशीला गुप्ता ने बताया कि खुले में कचरा फेंकने वालों पर रोक लगाने के लिए पोर्टेबल कैमरों से निगरानी और जुर्माने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा गंदगी से भरे खाली प्लॉटों की सफाई कराई जा रही है और संबंधित स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं।

कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड और आईडी कार्ड अनिवार्य करने की तैयारी

नगर परिषद में कार्यालय अनुशासन को मजबूत करने के लिए कर्मचारियों का ड्रेस कोड लागू करने और सभी के पहचान पत्र बनवाने की घोषणा की गई। सभापति सुशीला गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को इसमें योगदान देना होगा।

उन्होंने कर्मचारियों को वार्डों में जाकर पार्षदों के साथ सफाई व्यवस्था और स्थानीय समस्याओं की जानकारी लेने तथा उनके समाधान की दिशा में काम करने के निर्देश दिए।

गैप सागर, नानाभाई पार्क और बर्ड सेंचुरी का होगा विकास

शहर को अधिक आकर्षक बनाने के लिए गैप सागर की पाल, नानाभाई पार्क और बर्ड सेंचुरी में विकास कार्य किए जा रहे हैं। नगर परिषद का प्रयास है कि इन स्थानों को बेहतर सुविधाओं और सुंदरता के साथ विकसित किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों के साथ पर्यटक भी यहां आने के लिए आकर्षित हों।

आयुक्त ललित सिंह देथा ने कहा कि सभापति के निर्देशन में लंबित कार्यों को पूरा कर आमजन को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने नगर परिषद के प्रत्येक कर्मचारी को नियमित कार्यों के साथ प्रतिदिन दो घंटे स्वच्छता संबंधी गतिविधियों के लिए देने के निर्देश दिए।

नगर परिषद की इस पहल का उद्देश्य कार्यालयीन कामकाज में जवाबदेही बढ़ाना, लंबित फाइलों का निस्तारण करना और डूंगरपुर को स्वच्छता के क्षेत्र में देश में नंबर वन बनाने की दिशा में प्रयास तेज करना है। अब इन निर्देशों का वास्तविक असर तय समय सीमा में फाइलों के निस्तारण और शहर की सफाई व्यवस्था में होने वाले सुधार से सामने आएगा।

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!