Edited By Ishika Jain, Updated: 30 Mar, 2026 03:59 PM

राजस्थान के धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व से वन्यजीवों से जुड़ा एक बेहद खास और दुर्लभ दृश्य सामने आया है। रीछरा के जंगलों में एक मादा भालू अपने दो शावकों को पीठ पर बैठाकर घूमती हुई नजर आई, जिसे कैमरे में कैद कर लिया गया।
राजस्थान के धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व से वन्यजीवों से जुड़ा एक बेहद खास और दुर्लभ दृश्य सामने आया है। रीछरा के जंगलों में एक मादा भालू अपने दो शावकों को पीठ पर बैठाकर घूमती हुई नजर आई, जिसे कैमरे में कैद कर लिया गया।
यह नजारा इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि सामान्य तौर पर भालू के शावक अपनी मां के पीछे-पीछे चलते हैं। लेकिन जब किसी तरह का खतरा महसूस होता है, तो मादा भालू उन्हें सुरक्षा के लिए अपनी पीठ पर बिठा लेती है। सामने आई तस्वीर में एक शावक आराम से बैठा दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरा किनारे की ओर लटका हुआ नजर आता है।
वन विभाग के मुताबिक, टाइगर रिजर्व और इसके आसपास के इलाकों में करीब 25 भालुओं की मौजूदगी का अनुमान है। यह आंकड़ा गर्मियों के दौरान वाटर होल मॉनिटरिंग के आधार पर तैयार किया गया है। इनमें से लगभग 10 से 12 भालू वन विहार सेंचुरी क्षेत्र में पाए जाते हैं, जहां दिन के समय भी उनकी गतिविधियां देखी जा सकती हैं।
अधिकारियों ने बताया कि कई बार भालू केसरबाग मिलिट्री स्कूल परिसर तक भी पहुंच जाते हैं। यहां वे हॉस्टल में बचा हुआ खाना ढूंढने के लिए आते हैं और उनकी गतिविधियां वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो जाती हैं।
वन विभाग लगातार टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। यह दृश्य न सिर्फ वन्यजीव प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि यह जंगल में जीवों के व्यवहार को समझने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।