Edited By Ishika Jain, Updated: 27 Mar, 2026 06:51 PM

राजस्थान के धौलपुर में शुक्रवार को बाल संरक्षण और साइबर अपराध जागरूकता को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और प्रयत्न संस्था के संयुक्त सहयोग से एडीआर परिसर स्थित सभागार में हुआ।
राजस्थान के धौलपुर में शुक्रवार को बाल संरक्षण और साइबर अपराध जागरूकता को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और प्रयत्न संस्था के संयुक्त सहयोग से एडीआर परिसर स्थित सभागार में हुआ।
कार्यशाला की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामखिलाड़ी पोशवाल ने की। इस मौके पर सचिव रेखा यादव, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष मधु शर्मा, एनसीपीसीआर के विशेषज्ञ राकेश तिवारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
कमजोर वर्गों को न्याय तक पहुंच पर जोर
कार्यक्रम में “एक मुट्ठी आसमान” थीम के तहत समाज के वंचित वर्गों को न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
साइबर ठगी से बचाव के बताए उपाय
कार्यशाला में साइबर अपराधों पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें फेक कॉल, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के तरीके समझाए गए। लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक से बचने की सलाह दी गई।
साथ ही, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और विधिक सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 15100 की जानकारी भी साझा की गई।
बाल संरक्षण कानूनों पर विस्तृत जानकारी
विशेषज्ञों ने बाल विवाह रोकथाम, पोक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम 2015 जैसे महत्वपूर्ण कानूनों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए ग्राम स्तर से जिला स्तर तक विभिन्न समितियां सक्रिय हैं।
बचपन बचाओ और पुनर्वास पर फोकस
कार्यक्रम में बचपन बचाओ आंदोलन, मानव-वन्यजीव संघर्ष पीड़ितों को राहत और पुनर्वास जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। अंत में आयोजकों ने प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।