Edited By Afjal Khan, Updated: 27 Nov, 2025 05:52 PM

सेंट्रल डिटेक्टिव ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (सीडीटीआई) जयपुर में आज नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु इंटर एजेंसी कैपेसिटी बिल्डिंग पर एक महत्वपूर्ण दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन हुआ। यह विशेष कार्यक्रम राजस्थान के पंचायत राज विभाग के...
जयपुर। सेंट्रल डिटेक्टिव ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (सीडीटीआई) जयपुर में आज नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु इंटर एजेंसी कैपेसिटी बिल्डिंग पर एक महत्वपूर्ण दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन हुआ। यह विशेष कार्यक्रम राजस्थान के पंचायत राज विभाग के अधिकारियों की क्षमता को बढ़ाने पर केंद्रित है, ताकि नए कानूनी सुधारों को ग्रामीण स्तर तक सफलतापूर्वक लागू किया जा सके।
जन सुरक्षा में पंचायत राज की अहमियत
उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि, राजस्थान सरकार के गृह राज्य मंत्री गृह पशुपालन एवं डेयरी तथा मत्स्य विभाग जवाहर सिंह बेढम रहे। उन्होंने अपने संबोधन में पंचायत राज संस्थाओं की जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कानून सुधारों के अनुपालन और जन सुरक्षा को सुदृढ़ करने में स्थानीय निकाय केंद्रीय हैं। मंत्री ने बेहतर आपराधिक न्याय प्रणाली के लिए समयबद्ध प्रतिक्रिया, पारदर्शी प्रशासन और अंतर-विभागीय समन्वय को अनिवार्य बताया।
विशेष अतिथि के रूप में मौजूद पंचायत राज विभाग जयपुर के अतिरिक्त आयुक्त एवं संयुक्त सचिव, बृजेश कुमार चंदोलिया ने स्थानीय निकायों के प्रशिक्षण और क्षमता वृद्धि को नए कानूनों के सुचारू क्रियान्वयन के लिए आवश्यक बताया। सीडीटीआई के निदेशक डॉ. अमनदीप सिंह कपूर आईपीएस ने सम्मेलन की शुरुआत करते हुए इसके उद्देश्य को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों और स्थानीय शासन संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना आवश्यक है, जिससे नए आपराधिक कानूनों का कार्यान्वयन प्रभावी ढंग से सुनिश्चित हो सके।
सम्मेलन के प्रथम सत्र में राजस्थान पुलिस के पूर्व आईपीएस अधिकारी हरि राम मीणा ने पुलिस एवं जन अपेक्षाएँ विषय पर एक प्रभावशाली व्याख्यान दिया। उन्होंने नागरिक केंद्रित पुलिसिंग, सामूहिक शासन और जनता व पुलिस के बीच विश्वास के निर्माण पर गहन चर्चा की।