Edited By Anil Jangid, Updated: 05 Sep, 2026 02:33 PM
जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति को और धार देना शुरू कर दिया है। जयपुर में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के दौरे के दौरान पार्टी की रणनीति, संगठन की सक्रियता और चुनावी...
जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति को और धार देना शुरू कर दिया है। जयपुर में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के दौरे के दौरान पार्टी की रणनीति, संगठन की सक्रियता और चुनावी तैयारियों को लेकर मैराथन बैठकें हुईं। इन बैठकों में सबसे ज्यादा जोर दो मुद्दों पर रहा—पार्टी के भीतर भीतरघात करने वालों पर सख्त कार्रवाई और युवा यानी Gen-Z मतदाताओं को पार्टी से जोड़ना।
जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुई बैठकों में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल, चुनाव प्रभारी हरीश द्विवेदी और संगठन महामंत्री अजय कुमार समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बीएल संतोष ने नेताओं और पदाधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि नगरीय निकाय चुनाव को किसी भी स्थिति में हल्के में नहीं लिया जा सकता। स्थानीय निकाय चुनाव का असर आने वाले बड़े चुनावों के राजनीतिक माहौल और संगठन की मजबूती पर भी पड़ता है।
भीतरघातियों पर नजर, बनेगी गोपनीय सूची
टिकट वितरण के बाद कई जगह सामने आए असंतोष और बगावत को लेकर भाजपा ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। बैठक में निर्देश दिए गए कि पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ काम करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की जिलेवार गोपनीय सूची तैयार की जाए।
पार्टी के घोषित प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव प्रचार करने, विरोधी उम्मीदवार की मदद करने या संगठन के फैसले को कमजोर करने वालों पर कार्रवाई की बात कही गई है। खास बात यह है कि कार्रवाई चुनाव के बाद करने के बजाय चुनाव के दौरान ही करने पर जोर दिया गया है।
बीएल संतोष का संदेश साफ रहा कि व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर पार्टी का अनुशासन और कमल का निशान होना चाहिए। संगठन के नेताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी ताकत के साथ भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में काम करने के निर्देश दिए गए।
प्रत्याशी कमजोर हो तो संगठन बने ताकत
बैठक में यह भी जोर दिया गया कि अगर किसी वार्ड में पार्टी का प्रत्याशी व्यक्तिगत रूप से मजबूत नहीं है, तो संगठन को उसकी ताकत बनना होगा। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और हर निकाय में भाजपा की जीत के लक्ष्य के साथ चुनाव लड़ने पर जोर दिया गया।
जयपुर एयरपोर्ट जाते समय बीएल संतोष ने जयपुर शहर भाजपा कार्यालय में नगर निगम की कोर कमेटी की बैठक भी ली। यहां उन्होंने नगर निगम में भाजपा का बोर्ड बनाने की रणनीति को लेकर स्थानीय नेताओं से फीडबैक लिया।
नेताओं का बनेगा रिपोर्ट कार्ड
निकाय चुनाव में विधायकों, मंत्रियों और स्थानीय नेताओं की भूमिका का भी आकलन किया जाएगा। किस नेता ने संगठन के लिए कितना काम किया, किस इलाके में पार्टी की स्थिति मजबूत हुई और कहां संगठन कमजोर रहा—इसकी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचने की बात कही गई है।
Gen-Z को साधने पर खास फोकस
भाजपा की रणनीति का दूसरा बड़ा हिस्सा युवा मतदाता हैं। बीएल संतोष ने कहा कि युवाओं की बदलती सोच और उनकी अपेक्षाओं को समझना जरूरी है। पार्टी अब केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर भी ध्यान देना चाहती है।
मीडिया और सोशल मीडिया टीम के साथ हुई अलग बैठक में Gen-Z यानी युवा मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने की रणनीति पर चर्चा हुई। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को युवाओं की भाषा में रील्स, शॉर्ट वीडियो और इंफोग्राफिक्स के जरिए पहुंचाने पर जोर दिया गया। साथ ही विरोधी दलों के कथित भ्रामक नैरेटिव का तथ्यात्मक जवाब देने के लिए सोशल मीडिया टीम को लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए।
बीएल संतोष ने ‘डबल इंजन’ के साथ अब ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ बनाने की जरूरत बताई। यानी केंद्र और राज्य के साथ स्थानीय निकायों में भी भाजपा की सरकार हो—इसके लिए हर निकाय में जीत को महत्वपूर्ण बताया गया।
सीएम भजनलाल से बंद कमरे में चर्चा
शुक्रवार शाम बीएल संतोष ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ अलग से बैठक की। इसमें सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन, नगरीय क्षेत्रों में विकास कार्यों और जनता के बीच सरकार की छवि समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। पार्टी का प्रयास है कि सरकार के अब तक के कामकाज को निकाय चुनाव के प्रचार में प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाया जाए।
देवनानी के खिलाफ कांग्रेस की शिकायत
उधर, अजमेर में चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत की है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया कि देवनानी भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं और सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मामले में कार्रवाई की मांग की है।
ऐसे में राजस्थान निकाय चुनाव में एक तरफ भाजपा संगठन को भीतर से मजबूत करने और Gen-Z को जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष आचार संहिता के मुद्दे पर भाजपा को घेरने की कोशिश में जुटा है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की रणनीति चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना सकती है।