जोधपुर में कटेंगे 9,526 मकानों के बिजली और पानी कनेक्शन, फिर गरजेगा बुलडोजर, मचेगा हड़कंप

Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Mar, 2026 02:10 PM

9 526 homes in jodhpur to lose electricity and water connections

जोधपुर: जोधपुर शहर में वनभूमि पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। राजस्थान सरकार के अधीन उप वन संरक्षक कार्यालय ने निर्देश जारी कर कहा है कि वनभूमि पर बने 9,526 अवैध मकानों के बिजली और पानी के कनेक्शन तत्काल प्रभाव से काटे...

जोधपुर: जोधपुर शहर में वनभूमि पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। राजस्थान सरकार के अधीन उप वन संरक्षक कार्यालय ने निर्देश जारी कर कहा है कि वनभूमि पर बने 9,526 अवैध मकानों के बिजली और पानी के कनेक्शन तत्काल प्रभाव से काटे जाएंगे। यह कदम अतिक्रमणकारियों पर दबाव बनाने और जमीन को कब्जामुक्त कराने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

 

राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद प्रशासन ने यह कठोर कदम उठाया है। अदालत ने अतिक्रमण के मामलों में प्रशासन को सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद ही वन विभाग ने संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि वे अवैध कनेक्शन को तुरंत काटने की प्रक्रिया शुरू करें, ताकि कब्जे हटाने का काम सुचारु रूप से किया जा सके।

 

वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जोधपुर शहर के सात वनखंडों में कुल 9,526 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। इनमें से सबसे ज्यादा अतिक्रमण बेरीगंगा क्षेत्र में हैं, जहां 5,021 मकान अवैध रूप से बने हैं। इसके अलावा, चानणा, देवकुंड, भूतेश्वर, माचिया, बड़ा भाखर, और लालसागर क्षेत्रों में भी अतिक्रमण की गंभीर स्थिति है।

 

इन अवैध मकानों में बिजली और पानी के कनेक्शन लेने के बाद प्रशासन को इन कब्जों को हटाने में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए अब प्रशासन ने इन कनेक्शनों को काटने का फैसला किया है। जोधपुर विद्युत वितरण निगम और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को कनेक्शन विच्छेद करने के आदेश दिए गए हैं।

 

यदि अतिक्रमणकारियों ने स्वयं कब्जे नहीं हटाए, तो जिला प्रशासन और पुलिस बल की सहायता से बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह कार्रवाई सर्वोच्च प्राथमिकता के तहत की जाएगी।

 

यह कदम शहर में एक नई हलचल पैदा करने वाला है, क्योंकि जिन इलाकों में ये अवैध निर्माण हुए हैं, वहां पर बड़े पैमाने पर लोग रहते हैं और यह मामला बहुत संवेदनशील बन चुका है। अब देखना यह है कि प्रशासन अपनी कार्रवाई को कितनी तेजी से अंजाम देता है।

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!