Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Feb, 2026 04:12 PM

करौली। करौली और आसपास के क्षेत्रों में इस समय सरसों की कटाई और कुटाई जोरों पर है। बेहतर पैदावार के चलते किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। परिवार के सदस्य खेतों से फसल निकालकर थ्रेसर से दाना अलग कर रहे हैं और मंडियों में बिक्री की तैयारी कर रहे हैं।
करौली। करौली और आसपास के क्षेत्रों में इस समय सरसों की कटाई और कुटाई जोरों पर है। बेहतर पैदावार के चलते किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। परिवार के सदस्य खेतों से फसल निकालकर थ्रेसर से दाना अलग कर रहे हैं और मंडियों में बिक्री की तैयारी कर रहे हैं।
आढ़त की दुकानों और मंडियों में सरसों की आवक भी शुरू हो गई है, जबकि किसान सरकारी खरीद की शुरुआत का इंतजार कर रहे हैं। सरकारी खरीद व्यवस्था 1 अप्रैल से शुरू होने का प्रस्ताव है और विभागीय तैयारियां जारी हैं।
समर्थन मूल्य और मंडी भाव
इस वर्ष सरकार ने सरसों का समर्थन मूल्य 6200 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया है। स्थानीय किसान जतन पमडी और ओमवीर सिंह ने बताया कि पिछली बार श्रीमहावीरजी ब्लॉक और हिंडौन उपखंड में समर्थन मूल्य अक्सर बाजार भाव से कम रहने के कारण सरकारी खरीद केंद्रों पर आवक सीमित रही थी।
पिछली बार सरकार ने 5950 रुपए प्रति क्विंटल का मूल्य तय किया था। बाद में खुले बाजार में तेजी के चलते सरसों के सौदे 6000 रुपए तक हुए। इस बार मंडियों में भाव 5200 से 5700 रुपए प्रति क्विंटल के बीच चल रहे हैं, जिससे सरकारी केंद्रों पर अधिक आवक की संभावना जताई जा रही है।
भाव बढ़ने की उम्मीद
कुछ उत्पादक कटाई के तुरंत बाद माल बेच रहे हैं, जबकि कई लोग भाव बढ़ने की उम्मीद में इंतजार कर रहे हैं। उनका मानना है कि बाजार में तेजी आने पर खुली बिक्री अधिक लाभकारी हो सकती है। क्योंकि सरकारी केंद्रों पर जिंस की जांच, ग्रेडिंग और भुगतान में कभी-कभी विलंब हो जाता है।
कृषि विभाग के अनुसार, इस सीजन में सरसों की बुवाई पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ी है, जिससे उत्पादन बेहतर रहने और मंडियों में पर्याप्त आवक होने की उम्मीद है।