मतदाता सूची पुनरीक्षण में धांधली का आरोप: झुंझुनूं ब्लॉक कांग्रेस ने जिला निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, बल्क फॉर्म पर उठाए गंभीर सवाल

Edited By Anil Jangid, Updated: 16 Jan, 2026 04:02 PM

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झुंझुनूं। मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) के दौरान झुंझुनूं विधानसभा क्षेत्र में कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी झुंझुनूं ने जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि उपखंड अधिकारी...

झुंझुनूं। मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) के दौरान झुंझुनूं विधानसभा क्षेत्र में कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी झुंझुनूं ने जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि उपखंड अधिकारी (SDM) कार्यालय में भारत निर्वाचन आयोग के स्पष्ट नियमों की अनदेखी करते हुए एक राजनीतिक दल द्वारा बड़ी संख्या में थोक (बल्क) में आवेदन फॉर्म जमा करवाए गए हैं। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ गंभीर छेड़छाड़ करार दिया है।

 

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भारत निर्वाचन आयोग के इलेक्ट्रोल मैन्युअल 2023 के पैरा 11.3.2 के तहत कोई भी व्यक्ति या राजनीतिक दल बल्क में फॉर्म जमा नहीं कर सकता। नियमों के अनुसार, एक सामान्य मतदाता केवल एक ही फॉर्म प्रस्तुत कर सकता है, जबकि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) को भी एक दिन में अधिकतम 10 फॉर्म ही जमा करने की अनुमति है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक आवेदन के साथ मतदाता का मोबाइल नंबर, आवश्यक साक्ष्य और अंडरटेकिंग अनिवार्य रूप से संलग्न होना चाहिए।

 

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया कि इन स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद एक ही दिन में सैकड़ों से लेकर हजारों की संख्या में फॉर्म-7 (मतदाता का नाम हटाने के लिए) और फॉर्म-6 (नाम जोड़ने के लिए) जमा किए गए। कांग्रेस का दावा है कि यह पूरी प्रक्रिया सुनियोजित तरीके से की गई, ताकि मतदाता सूची में मनचाहा फेरबदल किया जा सके।

 

प्रशासन के समक्ष रखी प्रमुख मांगें

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अजमत अली और गिड़ानीय अध्यक्ष सुमेर सिंह पीटीआई के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में प्रशासन से कई ठोस मांगें की गईं। इनमें नियमों के विरुद्ध जमा किए गए फॉर्म-6, 7 और 8 की संकलित सूची कांग्रेस पार्टी को उपलब्ध करवाने, बिना ठोस साक्ष्य वाले बल्क आवेदनों पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई रोकने और नियमों का उल्लंघन कर थोक में आवेदन देने वाले व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग शामिल है।

 

पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल

कांग्रेस पदाधिकारियों ने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची 12 दिसंबर 2025 को प्रकाशित की गई थी और 15 जनवरी 2026 तक दावे व आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं। इस अवधि के अंतिम चरण में जिस तरह से बल्क में फॉर्म जमा हुए, उससे मतदाता सूची की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि इन कथित फर्जी और नियम विरुद्ध आवेदनों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन का रास्ता भी अपना सकती है।

 

प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले में जांच और नियमों के अनुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है, लेकिन पूरे घटनाक्रम पर जिले की राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

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