झुंझुनूं में रमजान के पहले जुमे पर उमड़ी आस्था, मस्जिदों में गूंजी अमन-चैन की दुआएं!

Edited By Payal Choudhary, Updated: 20 Feb, 2026 07:45 PM

jhunjhunu ramadan first jumma prayer crowd education message

बरकत और इबादत का मुकद्दस महीना रमजान अपने साथ खुशियों और रूहानियत की सौगात लेकर आया है। झुंझुनूं में शुक्रवार को रमजान के पहले जुमे पर आस्था का खास नजारा देखने को मिला। तेज धूप के बावजूद अकीदतमंदों के जोश और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। जिले भर की...

बरकत और इबादत का मुकद्दस महीना रमजान अपने साथ खुशियों और रूहानियत की सौगात लेकर आया है। झुंझुनूं में शुक्रवार को रमजान के पहले जुमे पर आस्था का खास नजारा देखने को मिला। तेज धूप के बावजूद अकीदतमंदों के जोश और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। जिले भर की मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी और माहौल इबादत में डूबा नजर आया।

खुतबे में तालीम पर जोर

जुमे की नमाज से पहले इमाम साहब ने खुतबे (धार्मिक संबोधन) में इबादत के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों पर विशेष फोकस किया। उन्होंने कहा कि समाज की तरक्की के लिए लड़के और लड़कियों—दोनों की शिक्षा बेहद जरूरी है।

इमामों ने खासतौर पर बेटियों की उच्च शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि “तालीम ही वह रोशनी है जो अज्ञानता के अंधेरे को खत्म कर सकती है।” समाज की मजबूत नींव के लिए शिक्षित पीढ़ी का होना अनिवार्य बताया गया।

इबादत और अकीदत का संगम

नमाज के बाद हजारों हाथ एक साथ दुआ के लिए उठे। मस्जिदों में सामूहिक रूप से देश में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए दुआ मांगी गई। सभी धर्मों और समुदायों के बीच प्यार और सौहार्द बना रहे, इसके लिए विशेष प्रार्थना की गई।

दोपहर तक शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों की तमाम मस्जिदें नमाजियों से खचाखच भर गईं। कई जगहों पर भीड़ इतनी अधिक रही कि नमाज छतों और खुले प्रांगणों में अदा की गई। उम्मीद से कहीं ज्यादा संख्या में लोग जुमे की नमाज में शामिल हुए, जिससे पूरे जिले में रमजान की रौनक साफ झलकती रही।

 

बरकत और इबादत का मुकद्दस महीना रमजान अपने साथ खुशियों और रूहानियत की सौगात लेकर आया है। झुंझुनूं में शुक्रवार को रमजान के पहले जुमे पर आस्था का खास नजारा देखने को मिला। तेज धूप के बावजूद अकीदतमंदों के जोश और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। जिले भर की मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी और माहौल इबादत में डूबा नजर आया।

खुतबे में तालीम पर जोर

जुमे की नमाज से पहले इमाम साहब ने खुतबे (धार्मिक संबोधन) में इबादत के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों पर विशेष फोकस किया। उन्होंने कहा कि समाज की तरक्की के लिए लड़के और लड़कियों—दोनों की शिक्षा बेहद जरूरी है।

इमामों ने खासतौर पर बेटियों की उच्च शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि “तालीम ही वह रोशनी है जो अज्ञानता के अंधेरे को खत्म कर सकती है।” समाज की मजबूत नींव के लिए शिक्षित पीढ़ी का होना अनिवार्य बताया गया।

इबादत और अकीदत का संगम

नमाज के बाद हजारों हाथ एक साथ दुआ के लिए उठे। मस्जिदों में सामूहिक रूप से देश में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए दुआ मांगी गई। सभी धर्मों और समुदायों के बीच प्यार और सौहार्द बना रहे, इसके लिए विशेष प्रार्थना की गई।

दोपहर तक शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों की तमाम मस्जिदें नमाजियों से खचाखच भर गईं। कई जगहों पर भीड़ इतनी अधिक रही कि नमाज छतों और खुले प्रांगणों में अदा की गई। उम्मीद से कहीं ज्यादा संख्या में लोग जुमे की नमाज में शामिल हुए, जिससे पूरे जिले में रमजान की रौनक साफ झलकती रही।

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