झुंझुनूं में बुलडोजर एक्शन से मचा हड़कंप, 100 से अधिक अवैध निर्माण ध्वस्त; 9 थानों की पुलिस रही तैनात

Edited By Anil Jangid, Updated: 08 Jan, 2026 05:31 PM

jhunjhunu administration demolishes over 100 illegal constructions

झुंझुनूं। जिले के सुलताना कस्बे में गुरुवार को प्रशासन की बड़ी कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ चलाए गए बुलडोजर एक्शन के तहत मुख्य सड़कों पर बने करीब 100 अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की गई। राजस्थान...

झुंझुनूं। जिले के सुलताना कस्बे में गुरुवार को प्रशासन की बड़ी कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ चलाए गए बुलडोजर एक्शन के तहत मुख्य सड़कों पर बने करीब 100 अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की गई। राजस्थान हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद तहसील प्रशासन ने यह अभियान शुरू किया, जिसे लेकर अतिक्रमणकारियों में खलबली मच गई।

 

गुरुवार सुबह तहसीलदार रामकुमार पूनिया के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला जेसीबी मशीनों और भारी पुलिस बल के साथ सुलताना पहुंचा। कार्रवाई की शुरुआत पदमा नगर के पास से की गई, जहां सड़क सीमा में आ रहे अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। पहले चरण में किशोरपुरा रोड पर पावर हाउस से नरेंद्र एकेडमी स्कूल तक के हिस्से को अतिक्रमण मुक्त किया गया। प्रशासन के अनुसार इस पूरे रूट पर करीब 100 अवैध अतिक्रमण पहले ही चिन्हित किए जा चुके थे।

 

किसी भी प्रकार के विरोध या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। कार्रवाई के दौरान 9 थानों की पुलिस को तैनात किया गया, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। पुलिस बल की मौजूदगी के कारण किसी भी तरह का बड़ा विरोध देखने को नहीं मिला, हालांकि कई लोगों में कार्रवाई को लेकर नाराजगी जरूर दिखी।

 

इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि में एक आरटीआई कार्यकर्ता की याचिका अहम रही। आरटीआई कार्यकर्ता डॉ. जितेंद्र सिंह ने सुलताना कस्बे की सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सड़क सीमा में किए गए अवैध अतिक्रमणों को हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसके बाद तहसील प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों को पहले नोटिस जारी कर स्वेच्छा से कब्जे हटाने का अवसर दिया, लेकिन समय सीमा समाप्त होने के बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटाए गए, तो बुलडोजर कार्रवाई की गई।

 

गिरदावर राकेश कुमार ने बताया कि नोटिस अवधि पूरी होने के बाद आज से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है। इस दौरान कई अस्थायी और स्थायी निर्माणों को ध्वस्त किया गया। तहसीलदार रामकुमार पूनिया ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों की पालना में चिड़ावा–सुलताना सड़क पर पावर हाउस से अटल सेवा केंद्र तक तथा चिड़ावा–सुलताना (किशोरपुरा रोड) पर पावर हाउस से नरेंद्र एकेडमी स्कूल तक सड़क सीमा में आने वाले सभी अतिक्रमण हटाए जाएंगे।

 

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और सार्वजनिक सड़कों व सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

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