Edited By Anil Jangid, Updated: 19 Nov, 2025 04:20 PM

राजस्थान में शीतलहर का असर बढ़ता जा रहा है, और उत्तर भारत में चल रही बर्फीली हवाओं का प्रभाव अब राज्य में महसूस होने लगा है। मौसम विभाग ने अगले पाँच दिनों तक सर्दी से राहत न मिलने की चेतावनी दी है। शीतलहर के चलते पांच जिलों में येलो अलर्ट जारी किया...
जयपुर: राजस्थान में शीतलहर का असर बढ़ता जा रहा है, और उत्तर भारत में चल रही बर्फीली हवाओं का प्रभाव अब राज्य में महसूस होने लगा है। मौसम विभाग ने अगले पाँच दिनों तक सर्दी से राहत न मिलने की चेतावनी दी है। शीतलहर के चलते पांच जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, प्रदेश के तापमान में गिरावट देखी जा रही है, और लोग अब गर्म पेय पदार्थों और अलाव का सहारा ले रहे हैं।
फतेहपुर में सबसे कम तापमान
बीते 24 घंटों के दौरान, राजस्थान में सबसे कम तापमान सीकर जिले के फतेहपुर में 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। इस तापमान में गिरावट के कारण शीतलहर का प्रकोप सीकर, झुंझुनू, नागौर, अजमेर, टोंक और कोटा जैसे जिलों में अधिक देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, शीतलहर का असर इन जिलों में आगामी दिनों में भी बना रहेगा।
शीतलहर का असर बढ़ेगा
मौसम विभाग ने सीकर, झुंझुनू, अजमेर, कोटा, और टोंक जिलों में शीतलहर के प्रभाव का अनुमान जताया है, इस दौरान रात और दिन के तापमान में गिरावट जारी रहने के कारण सर्दी में और वृद्धि होने का अनुमान है।
कोहरे और धुंध का असर
शीतलहर के साथ-साथ राजस्थान में हाइवे और खुली जगहों पर कोहरे और धुंध का भी असर देखने को मिल रहा है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों से रात में खुले में न सोने की चेतावनी दी है।
सर्दी से बचाव के उपाय
राजस्थान में बढ़ती सर्दी और शीतलहर से बचाव के लिए लोग गर्म कपड़े पहनने, गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने और अलाव जलाने की ओर रुख कर रहे हैं। मौसम विभाग ने कहा कि शीतलहर का प्रकोप और बढ़ सकता है, इसलिए अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहना जरूरी है।