Edited By Anil Jangid, Updated: 07 May, 2026 03:04 PM

जयपुर। सवाई मानसिंह अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और अधिक भीड़ वाले विभागों में रोगी प्रबंधन को आसान बनाने के लिए इवनिंग ओपीडी (Evening OPD) शुरू की जाएगी। यह नई सुविधा सबसे पहले मेडिसिन विभाग में लागू होगी, जहां शाम 5...
जयपुर। सवाई मानसिंह अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और अधिक भीड़ वाले विभागों में रोगी प्रबंधन को आसान बनाने के लिए इवनिंग ओपीडी (Evening OPD) शुरू की जाएगी। यह नई सुविधा सबसे पहले मेडिसिन विभाग में लागू होगी, जहां शाम 5 से 7 बजे तक मरीज परामर्श ले सकेंगे।
चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख और शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने गुरुवार को सवाई मानसिंह अस्पताल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देश के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक होने के कारण यहां मरीजों का भार अधिक होना स्वाभाविक है, लेकिन इसके बावजूद मरीजों को इलाज में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। कतार में लंबा समय बिताने की समस्या को देखते हुए प्रशासन को तत्काल उपाय करने के साथ दीर्घकालिक योजना पर भी ध्यान देना होगा।
ईवनिंग ओपीडी में वरिष्ठ चिकित्सक और पर्याप्त संख्या में अन्य स्टाफ उपलब्ध रहेंगे। राठौड़ ने धन्वंतरि ओपीडी में कार्डियोलॉजी, मेडिसिन और आर्थोपेडिक्स विभाग का दौरा किया और निर्देश दिए कि जिन विभागों में मरीजों का भारी दबाव रहता है, वहां वैकल्पिक समय पर ओपीडी शुरू की जाए। यह सुविधा सफल होने पर अन्य विभागों में भी लागू करने पर विचार किया जाएगा।
इसके साथ ही दवा वितरण केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। प्रमुख शासन सचिव ने दवा वितरण केंद्र का निरीक्षण किया और 4-5 नए काउंटर तुरंत खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने सुनिश्चित करने को कहा कि आवश्यक दवाओं की सूची में शामिल सभी दवाएं उपलब्ध हों और जो दवाएं नियमित आपूर्ति से नहीं मिल रही हैं, उन्हें खरीद कर मरीजों को उपलब्ध कराया जाए।
ब्लड सैम्पल कलेक्शन सेंटर में भी मानव संसाधन बढ़ाने के निर्देश दिए गए, ताकि मरीजों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। राठौड़ ने अस्पताल में हीटवेव और गर्मी को देखते हुए कूलिंग व्यवस्था, पेयजल और छायादार जगहों की उपलब्धता का भी निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से फीडबैक भी लिया और उनके सुझावों के आधार पर जरूरी सुधार के निर्देश दिए। यह कदम अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और मरीजों को सुविधाजनक इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।