राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को भेंट की संस्कृत काव्यग्रंथ ‘संजीवनी शतक’

Edited By Anil Jangid, Updated: 19 Jan, 2026 03:54 PM

sanskrit poetic work sanjeevani shatak presented to vasudev devanani

जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को रविवार को संस्कृत काव्यग्रंथ ‘संजीवनी शतक’ भेंट किया गया। यह कृति पंडित रामस्वरूप दोतोलिया, आचार्य, राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय, बिलोंची द्वारा रचित है।

जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को रविवार को संस्कृत काव्यग्रंथ ‘संजीवनी शतक’ भेंट किया गया। यह कृति पंडित रामस्वरूप दोतोलिया, आचार्य, राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय, बिलोंची द्वारा रचित है।

 

‘संजीवनी शतक’ में सालासर बालाजी के स्वरूप, सेवा, शौर्य, त्याग और श्रद्धा का जीवंत चित्रण किया गया है। ग्रंथ में बालाजी की भक्ति परंपरा में लोकभाव और शास्त्रीय चेतना के समन्वय को संस्कृत काव्य की सशक्त एवं भावप्रवण भाषा में प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया है।

 

यह ग्रंथ केवल स्तुति-काव्य नहीं है, बल्कि भक्तों के जीवन में आध्यात्मिक चेतना, आशा और ऊर्जा का संचार करने वाली संजीवनी भी है। इसमें सालासर धाम, महर्षि दधीचि, सालासर बालाजी के संस्थापक मोहनदासजी महाराज तथा दधिमति माता के पावन प्रसंगों के साथ सालासर बालाजी के चरित्र का सुव्यवस्थित और काव्यात्मक वर्णन किया गया है।

 

इस ग्रंथ का संपादन मिताक्षरी दोतोलिया एवं सोमप्रभा दोतोलिया द्वारा किया गया। इस अवसर पर विधायक बालमुकुंदाचार्य, नीरज वशिष्ठ सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

 

इस भेंट कार्यक्रम ने संस्कृत साहित्य और धार्मिक चेतना के प्रति गहरी श्रद्धा एवं सम्मान को दर्शाया।
 

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