Edited By Anil Jangid, Updated: 22 Jan, 2026 02:38 PM

जयपुर। अयोध्या में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूर्ण होने के पावन अवसर पर राजस्थान सरकार प्रदेशवासियों को अनेक जनकल्याणकारी सौगातें देने जा रही है। इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार, 22 जनवरी को सिरोही में आयोजित...
जयपुर। अयोध्या में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूर्ण होने के पावन अवसर पर राजस्थान सरकार प्रदेशवासियों को अनेक जनकल्याणकारी सौगातें देने जा रही है। इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार, 22 जनवरी को सिरोही में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से सहायता राशि प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री इस दौरान मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों को पांचवीं किस्त का हस्तांतरण करेंगे, जिससे प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। इसके साथ ही ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम) के अंतर्गत 9 फरवरी तक आयोजित होने वाले ग्राम उत्थान शिविरों का औपचारिक शुभारंभ भी किया जाएगा। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों, पशुपालकों और आमजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा।
राज्य सरकार द्वारा इस अवसर पर मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सब्सिडी राशि का डीबीटी किया जाएगा, जिससे रसोई गैस के बढ़ते खर्च से आम परिवारों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के अंतर्गत दुग्ध उत्पादकों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे डेयरी क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल मिलेगा।
कार्यक्रम में निर्माण श्रमिकों एवं किसानों को कृषि आदान अनुदान सहायता की राशि भी डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए चेक वितरित किए जाएंगे, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान का सपना साकार करने में मदद मिलेगी।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य इस अवसर को प्रदेशवासियों के लिए खुशहाली और विकास से जोड़ना है।