राजस्थान महिला निधि: 1.5% ब्याज पर ऋण से ग्रामीण महिलाओं को नई उड़ान"

Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 16 Sep, 2025 08:10 PM

rajasthan women fund

जयपुर । राजस्थान सरकार की “राजस्थान महिला निधि” योजना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

जयपुर । राजस्थान सरकार की “राजस्थान महिला निधि” योजना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस योजना के तहत राजीविका स्वयं सहायता समूहों (SHG) और उनकी सदस्याओं को आसान, सुलभ और त्वरित ऋण दिया जाता है ताकि वे अपना व्यवसाय शुरु या विस्तारित कर सकें और परिवार की आमदनी बढ़ा सकें।

योजना की जानकारी देते हुए नेहा गिरि, राज्य मिशन निदेशक (SMD), राजीविका ने बताया कि महिलाएं 40,000 रुपये तक का ऋण मात्र 48 घंटे में प्राप्त कर सकती हैं, जबकि इससे अधिक राशि 15 दिनों में स्वीकृत होती है। यह योजना राजस्थान के सभी 41 जिलों में लागू है और लगभग 4 लाख SHG समूहों व करीब 45 लाख ग्रामीण परिवारों तक पहुंच चुकी है। गरीब, निराश्रित और वंचित महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। डिजिटल आवेदन और न्यूनतम कागजी कार्यवाही होने से प्रक्रिया बेहद सरल है।

योजना के विस्तार के लिए राज्य सरकार ने नेशनल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NCDC) से 3,000 करोड़ रुपये की ऋण सुविधा प्राप्त की है। एनसीडीसी भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत एक वैधानिक संगठन है।  उक्त राशि का चेक प्रदान किये जाने के अवसर पर रोहित गुप्ता, उप प्रबंध निदेशक NCDC, डॉ. पूजा शर्मा, CEO - राजस्थान महिला निधि उपस्थित थे। योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा महिलाओं को ऋण पर ब्याज अनुदान दिया जाएगा जिससे उन्हें केवल 1.5% वार्षिक ब्याज पर ऋण उपलब्ध हो सकेगा। यह राशि महिलाओं को सूक्ष्म उद्यम, कृषि, पशुपालन, छोटे कारोबार और सामाजिक आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में  प्रयुक्त होगी।  

कम ब्याज दर महिलाओं को बिना आर्थिक बोझ के व्यवसाय बढ़ाने में मदद करती है। समय पर ऋण से महिला उद्यमिता, आय वृद्धि और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा मिला है। आवेदन से लेकर निगरानी तक सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह ऑनलाइन हैं। सामुदायिक समूह और महिला नेतृत्वकर्ता जागरूकता फैलाने और ऋण अदायगी में सक्रिय हैं।

राजस्थान महिला निधि अब ग्रामीण वित्तीय समावेशन और महिला सशक्तिकरण का राष्ट्रीय मॉडल बन रही है और लाखों परिवारों का भविष्य उज्ज्वल कर रही है।  
इस अवसर पर सुनील कुमार छापोला, क्षेत्रीय निदेशक एनसीडीसी जयपुर, विकास उपाध्याय, निदेशक सी, आईसी और एससी, मीनाक्षी यादव, उप निदेशक सी, आईसी और एससी, शंभू दयाल कुमावत, डीपीएम - राजस्थान महिला निधि भी उपस्थित रहे।

 

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