राज्यपाल हरिभाऊ बागडे बोले- डिग्री नहीं, प्रैक्टिकल ज्ञान ही असली शिक्षा की पहचान

Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 29 Oct, 2025 05:48 PM

governor haribhau bagde said that practical knowledge not degree is the hallma

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि सभी विद्यार्थियों में विशिष्ट प्रतिभा एवं कौशल होता है जिसे प्रोत्साहन मिलने पर विद्यार्थी अपनी कला का प्रदर्शन कर देश एवं दुनिया में नाम रोशन करते हैं।

जयपुर/कोटा । राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि सभी विद्यार्थियों में विशिष्ट प्रतिभा एवं कौशल होता है जिसे प्रोत्साहन मिलने पर विद्यार्थी अपनी कला का प्रदर्शन कर देश एवं दुनिया में नाम रोशन करते हैं। उनके भीतर छुपे कौशल को उभारने के प्रयास विश्वविद्यालयों को करने चाहिए। उन्होंने कहा कि नवनिर्मित स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर भी विद्यार्थियों में सृजनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए नवाचारों के केन्द्र के रूप में अपनी अलग पहचान कायम करेगा। इस सेंटर के माध्यम से विद्यार्थी अपने भीतर छुपी हुई प्रतिभा एवं गुणों को निखार सकेंगे।

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे बुधवार को राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा में नवनिर्मित स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर के लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि प्रैक्टिकल ज्ञान के अभाव में डिग्री का कोई उपयोग नहीं है। इसलिए, विद्यार्थी केवल पाठ्यपुस्तक पढ़कर डिग्री हासिल करने की अपेक्षा व्यावहारिक एवं प्रैक्टिकल ज्ञान प्राप्त करने पर अधिक ध्यान दें। उन्होंने कहा कि इस सेंटर के माध्यम से विद्यार्थी के कला-कौशल में इतना निखार लाया जाए कि वे विद्यार्थी बाहर जाकर राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय की अलग पहचान कायम करें। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि विद्यार्थियों में विशेष स्किल को निखारने में यह सेंटर उपयोगी साबित होगा। उन्होंने नवनिर्मित सेंटर के उद्घाटन के लिए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि प्राचीन गुरुकुल पद्धति में विद्यार्थी सुनकर सीखते थे और इससे उनकी बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होती थी। अन्य देशों के विद्वान हमारे यहां के प्रसिद्ध नालंदा एवं तक्षशिला विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने आते थे। हमारी इंजीनियरिंग एवं कला भी उन्नत थी। 1935 में लॉर्ड मैकाले यहां के लोगों को गुलाम बनाने के लिए अंग्रेजी शिक्षा पद्धति लेकर आया और हमारी प्राचीन शिक्षा पद्धति बंद करवा दिया। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि शिक्षा जितनी व्यापक एवं गहरी होगी हमारा समाज उतना ही संपन्न होगा। 2020 में लाई गई नई शिक्षा नीति भी पूरे देश के 400 कुलपतियों एवं 1000 शिक्षाविदों ने दो साल तक मंथन करने के बाद तैयार की है। नई शिक्षा नीति से विद्यार्थियों में बौद्धिक क्षमता का विकास होगा और भारत विश्वगुरु बनने की और अग्रसर होगा।

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 11 सालों में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की है। देश की अर्थव्यवस्था विश्व में चौथे पायदान पर पहुंच गई है और शीघ्र ही तीसरे पायदान पर पहुंच जाएगी। उन्होंने सभी विद्यार्थियों का आह्वान किया कि आगे बढ़कर राष्ट्र एवं समाज के निर्माण में योगदान दें।

उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा प्रदान कर उनमें कौशल विकसित करना है। हमारे तकनीकी विश्वविद्यालय इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। शिक्षा में अब केवल पाठ्यपुस्तक एवं कक्षा-कक्ष तक सीमित नहीं रहकर विद्यार्थी को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी ने विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

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