Edited By Anil Jangid, Updated: 15 Jan, 2026 02:40 PM

अजमेर। अजमेर जिले में चल रही मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने इस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र की जड़ों पर हमला बताया है। कांग्रेस नेताओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप...
अजमेर। अजमेर जिले में चल रही मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने इस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र की जड़ों पर हमला बताया है। कांग्रेस नेताओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि प्रपत्र क्रमांक-7 का दुरुपयोग कर योजनाबद्ध तरीके से कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।
राजस्थान पर्यटन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ और जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर से मुलाकात की। ज्ञापन में कहा गया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया निष्पक्ष न होकर राजनीतिक उद्देश्य से प्रभावित की जा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि बड़ी संख्या में फर्जी और निराधार आपत्तियां दर्ज कर पात्र मतदाताओं को अनुपस्थित या स्थानांतरित दिखाया जा रहा है।
प्रपत्र-7 के दुरुपयोग का आरोप
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रपत्र क्रमांक-7 का खुलेआम दुरुपयोग हो रहा है। बिना पर्याप्त सबूत, बिना मौके पर सत्यापन और बिना संबंधित मतदाता को सूचना दिए नाम काटने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। यह न केवल चुनाव आयोग की निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन है, बल्कि मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों पर भी कुठाराघात है।
वार्ड 80 का उदाहरण
कांग्रेस ने वार्ड संख्या 80 के मतदान केंद्र संख्या 29 का उदाहरण देते हुए बताया कि पार्टी के बूथ स्तरीय अभिकर्ता (BLA-2) आरिफ खान के नाम पर फर्जी आपत्ति दर्ज कर उन्हें अनुपस्थित और स्थानांतरित दर्शा दिया गया, जबकि प्रारूप मतदाता सूची में उनका नाम क्रम संख्या 334 पर विधिवत दर्ज है। नेताओं का दावा है कि ऐसे मामले केवल एक वार्ड तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे जिले में हजारों वैध मतदाताओं के नाम इसी तरह हटाने की कोशिश की जा रही है।
फर्जी हस्ताक्षर और भाजपा पर आरोप
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि कई मामलों में बूथ स्तरीय अभिकर्ताओं के फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया है। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा शीर्ष स्तर पर एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा गया है। उनका कहना है कि मुख्य समन्वय तंत्र (CMR) के माध्यम से एक पेन ड्राइव जारी की गई, जिसमें प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 4 से 5 हजार कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम कटवाने की योजना शामिल है।
कांग्रेस ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरी SIR प्रक्रिया की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से सूची से न हटाया जाए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि इस मुद्दे पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।