अजमेर कलेक्टर के नाम पर साइबर ठगी, DM की फोटो लगाकर अधिकारियों से मांगे पैसे

Edited By Anil Jangid, Updated: 03 Feb, 2026 02:26 PM

cyber fraud in ajmer using collector s identity

अजमेर । अजमेर में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक महकमों में हड़कंप मचा दिया है। साइबर ठगों ने अजमेर कलेक्टर लोक बंधु की फोटो को व्हाट्सएप डीपी बनाकर इंटरनेशनल नंबर से फर्जी अकाउंट तैयार किया और प्रशासनिक अधिकारियों व आम...

अजमेर । अजमेर में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक महकमों में हड़कंप मचा दिया है। साइबर ठगों ने अजमेर कलेक्टर लोक बंधु की फोटो को व्हाट्सएप डीपी बनाकर इंटरनेशनल नंबर से फर्जी अकाउंट तैयार किया और प्रशासनिक अधिकारियों व आम लोगों को संदेश भेजकर ठगी करने की कोशिश की।

 

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इन मैसेजों के जरिए प्रशासनिक दबाव बनाने और पैसों की मांग किए जाने की आशंका है। जैसे ही मामला प्रशासन के संज्ञान में आया, तुरंत साइबर एजेंसियों और पुलिस को जांच के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने इसे पहचान की चोरी और साइबर धोखाधड़ी का गंभीर मामला बताया है।

 

कलेक्टर लोक बंधु ने इस घटना के बाद सभी अधिकारियों और आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विदेशी या अज्ञात नंबर से उनके नाम या किसी वरिष्ठ अधिकारी के नाम पर व्हाट्सएप कॉल या मैसेज आए, तो उस पर भरोसा न करें। ऐसे नंबरों को तुरंत ब्लॉक और रिपोर्ट करें तथा नजदीकी थाने या साइबर क्राइम सेल में सूचना दें।

 

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि कोई भी शासकीय अधिकारी व्यक्तिगत व्हाट्सएप अकाउंट से पैसों की मांग नहीं करता। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि किसी भी स्थिति में बैंक डिटेल, ओटीपी या निजी जानकारी साझा न करें। इस तरह की ठगी के मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420, 468, 471 और आईटी एक्ट की धारा 66C और 66D के तहत सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।

 

प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को जल्द चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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