Edited By Anil Jangid, Updated: 03 Feb, 2026 02:31 PM

अजमेर। अजमेर जिले के पुष्कर क्षेत्र में टूरिस्ट वीजा पर आए विदेशी नागरिक द्वारा राजनीतिक गतिविधि करना महंगा पड़ गया। 21 जनवरी को सार्वजनिक स्थानों पर फिलिस्तीन समर्थक और इजरायल विरोधी स्टिकर लगाए जाने की सूचना पर खुफिया एजेंसियां अलर्ट हुईं। जांच...
अजमेर। अजमेर जिले के पुष्कर क्षेत्र में टूरिस्ट वीजा पर आए विदेशी नागरिक द्वारा राजनीतिक गतिविधि करना महंगा पड़ गया। 21 जनवरी को सार्वजनिक स्थानों पर फिलिस्तीन समर्थक और इजरायल विरोधी स्टिकर लगाए जाने की सूचना पर खुफिया एजेंसियां अलर्ट हुईं। जांच में सामने आया कि इस गतिविधि में एक ब्रिटिश नागरिक लुईस गैब्रिएल डी और उसकी महिला मित्र अनुशी एमा क्रिस्टीन शामिल थे।
खुफिया विभाग (CID/IB) ने मामले को गंभीर मानते हुए जिला पुलिस को सूचना दी। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर दोनों को चिन्हित कर पूछताछ की गई। जांच में पाया गया कि दोनों विदेशी नागरिक टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे और राजनीतिक प्रकृति की गतिविधियों में शामिल होकर वीजा शर्तों का उल्लंघन कर रहे थे।
इसके बाद प्रशासन ने सभी स्टिकर हटवाए और दोनों के ठहरने, मूवमेंट और सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन जांच की। जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई। वीजा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर इमिग्रेशन और फॉरेनर्स एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों का टूरिस्ट वीजा रद्द कर ‘लीव इंडिया नोटिस’ जारी किया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भारत में टूरिस्ट वीजा पर किसी भी प्रकार की राजनीतिक, विरोधात्मक या वैचारिक गतिविधि की अनुमति नहीं है। ऐसे मामलों में डिपोर्टेशन और भविष्य में भारत में प्रवेश पर प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। यह कार्रवाई सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक सख्त संदेश मानी जा रही है।