Edited By LUCKY SHARMA, Updated: 28 Mar, 2026 12:22 PM

उदयपुर जिले के गोगुंदा कस्बे में गैस सिलेंडर से पानी निकलने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। गैस किल्लत के बीच सामने आए इस मामले ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।
उदयपुर में सामने आया चौंकाने वाला मामला
उदयपुर जिले के गोगुंदा कस्बे में गैस सिलेंडर से पानी निकलने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। गैस किल्लत के बीच सामने आए इस मामले ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।
इस घटना के बाद प्रशासन और गैस कंपनी दोनों हरकत में आ गए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
भारत गैस कंपनी और रसद विभाग जांच में जुटे
मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत गैस कंपनी की सेल्स टीम गोगुंदा पहुंची। टीम ने रसद विभाग द्वारा जब्त किए गए संदिग्ध सिलेंडरों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
वहीं रसद विभाग ने गैस एजेंसी संचालक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश
उदयपुर के उपखंड अधिकारी शुभम भैंसारे ने कहा कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने रसद विभाग को निर्देश दिए हैं कि गैस वितरण व्यवस्था को सुचारू रखा जाए और उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए।
पानी मिलने पर जताई गई आशंका
प्रवर्तन निरीक्षक अरविंद गर्ग के अनुसार, मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी पंप के जरिए सिलेंडर से गैस निकालकर उसमें पानी भरा गया हो सकता है। हालांकि अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
गैस एजेंसी पर लंबी कतारें
गोगुंदा की भारत गैस एजेंसी पर इन दिनों सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक महीने से होम डिलीवरी बंद है, जिससे उन्हें एजेंसी पर आकर लाइन में लगना पड़ रहा है। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
सलूंबर में भी अवैध गैस भंडारण पकड़ा
इधर उदयपुर संभाग के सलूंबर जिले में भी रसद विभाग ने कार्रवाई करते हुए एक प्रतिष्ठान से 5 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए हैं।
जांच में घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग और अवैध भंडारण पाया गया, जिस पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उपभोक्ताओं से सतर्क रहने की अपील
जिला रसद अधिकारी ने आमजन से अपील की है कि घरेलू गैस का उपयोग केवल घरेलू कार्यों के लिए ही करें।
किसी भी प्रकार की अवैध रिफिलिंग या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें।