Edited By LUCKY SHARMA, Updated: 14 Mar, 2026 07:39 PM

उदयपुर में आयोजित गांधी हस्तशिल्प मेले में इन दिनों उत्तर प्रदेश के आगरा से आए कलाकार महेशचन्द्र यति की पत्थर नक्काशी कला लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। उनकी बनाई हुई जालीदार और पारंपरिक डिजाइन वाली कलाकृतियां देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग...
गांधी हस्तशिल्प मेले में छाई स्टोन कार्विंग कला
उदयपुर में आयोजित गांधी हस्तशिल्प मेले में इन दिनों उत्तर प्रदेश के आगरा से आए कलाकार महेशचन्द्र यति की पत्थर नक्काशी कला लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। उनकी बनाई हुई जालीदार और पारंपरिक डिजाइन वाली कलाकृतियां देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंच रहे हैं।
गांधी ग्राउंड में लगे इस मेले में देश के अलग-अलग राज्यों से कलाकार और शिल्पकार अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन महेशचन्द्र यति की स्टोन कार्विंग कला लोगों को सबसे ज्यादा आकर्षित कर रही है।
पत्थरों पर जादू: बारीक नक्काशी देखकर लोग हैरान
महेशचन्द्र यति छोटे-छोटे पत्थरों पर इतनी बारीकी से डिजाइन उकेरते हैं कि देखने वाले हैरान रह जाते हैं। उनकी कलाकृतियों में फूल-पत्तियों के डिजाइन, जालीदार पैटर्न और पारंपरिक आकृतियां बेहद खूबसूरती से दिखाई देती हैं।
कई कलाकृतियां इतनी महीन हैं कि पहली नजर में यह समझ पाना मुश्किल हो जाता है कि यह हाथों से बनाई गई हैं या मशीन से।
ताजमहल जैसी जालीदार डिजाइन
महेशचन्द्र बताते हैं कि पत्थर को पहले विशेष तरीके से तैयार किया जाता है और उसके बाद छोटे-छोटे औजारों की मदद से उस पर डिजाइन उकेरे जाते हैं। यह एक बेहद धैर्य और कौशल वाली कला है, जिसमें महारत हासिल करने में कई साल लग जाते हैं।
उन्होंने बताया कि आगरा में पत्थर नक्काशी की यह परंपरा बहुत पुरानी है। ताजमहल और अन्य ऐतिहासिक इमारतों में दिखाई देने वाली जालीदार नक्काशी भी इसी परंपरा से जुड़ी हुई है।
पर्यटकों में खासा उत्साह
उदयपुर के गांधी हस्तशिल्प मेले में आने वाले पर्यटक और स्थानीय लोग उनके स्टॉल पर रुककर इस कला को करीब से देख रहे हैं। कई लोग उनसे बातचीत कर यह भी जानने की कोशिश करते हैं कि इतनी बारीकी से पत्थरों पर नक्काशी कैसे की जाती है।
मेले में आने वाले कई लोग उनकी कलाकृतियों को स्मृति के रूप में खरीद भी रहे हैं।
कलाकारों के लिए ऐसे मेले महत्वपूर्ण
महेशचन्द्र यति का कहना है कि इस तरह के हस्तशिल्प मेले कलाकारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इससे उन्हें अपनी कला को देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों तक पहुंचाने का मौका मिलता है।
उनकी यह स्टोन कार्विंग कला न केवल लोगों को आकर्षित कर रही है बल्कि भारतीय पारंपरिक हस्तशिल्प की समृद्ध विरासत को भी दर्शा रही है।