Edited By LUCKY SHARMA, Updated: 13 Mar, 2026 07:19 PM
झीलों की नगरी उदयपुर, जो अपने पर्यटन उद्योग के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है, इन दिनों कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की सप्लाई रुकने से बड़ी परेशानी का सामना कर रही है। गैस आपूर्ति बाधित होने के बाद शहर के होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैफे संचालकों की...
उदयपुर।
झीलों की नगरी उदयपुर, जो अपने पर्यटन उद्योग के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है, इन दिनों कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की सप्लाई रुकने से बड़ी परेशानी का सामना कर रही है। गैस आपूर्ति बाधित होने के बाद शहर के होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैफे संचालकों की चिंता बढ़ गई है। कारोबारियों का कहना है कि अधिकांश प्रतिष्ठानों के पास केवल एक-दो दिन का ही गैस स्टॉक बचा है। यदि जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई तो किचन संचालन प्रभावित हो सकता है।
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव के कारण तेल कंपनियों की गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके चलते केंद्र स्तर पर कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर अस्थायी रोक लगाई गई है, जिसका असर पर्यटन नगरी उदयपुर में साफ दिखाई देने लगा है। शहर में हर माह औसतन करीब 20 हजार कमर्शियल सिलेंडरों की खपत होती है।
पर्यटन सीजन के बीच बढ़ी चिंता
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुदर्शन देव सिंह कारोही ने बताया कि मार्च महीना उदयपुर में विदेशी पर्यटकों का पीक सीजन होता है। इस दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक शहर में आते हैं और कई डेस्टिनेशन वेडिंग भी आयोजित होती हैं। ऐसे समय में कमर्शियल गैस सप्लाई रुकना पर्यटन उद्योग के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है।
उन्होंने बताया कि बाजार में कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। सामान्य रूप से करीब 1800 रुपये में मिलने वाला कमर्शियल सिलेंडर अब करीब 3000 रुपये तक में बेचा जा रहा है।
होटल उद्योग पर पड़ सकता है बड़ा असर
होटल व्यवसायी राजेश अग्रवाल का कहना है कि शहर में कमर्शियल गैस की कुल सप्लाई का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा ही होटल और रेस्टोरेंट तक पहुंचता है। ऐसे में उस पर भी रोक लगाना होटल उद्योग के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
उदयपुर में मार्च और अप्रैल के दौरान बड़ी संख्या में *डेस्टिनेशन वेडिंग* पहले से बुक हैं और शहर के कई बड़े होटल व रिजॉर्ट पहले से फुल बुक चल रहे हैं। ऐसे में गैस सप्लाई बाधित होने से शादी समारोहों और पर्यटकों के लिए भोजन व्यवस्था करना चुनौती बन सकता है।
पर्यटन उद्योग पर निर्भर है शहर की अर्थव्यवस्था
जानकारी के अनुसार, उदयपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में करीब *1500 होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे, विला और धर्मशालाएं* संचालित हो रही हैं। इसके अलावा 1000 से अधिक ढाबे, कैफे और रेस्टोरेंट भी हैं। शहर की लगभग 40 प्रतिशत अर्थव्यवस्था पर्यटन उद्योग पर निर्भर मानी जाती है।
पर्यटन विशेषज्ञ प्रो. महेश शर्मा का कहना है कि यदि कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई लंबे समय तक बाधित रही तो होटल उद्योग के साथ-साथ डेस्टिनेशन वेडिंग, कैटरिंग और पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसायों पर भी बड़ा असर पड़ेगा।
छोटे कारोबारियों की भी बढ़ी चिंता
शहर के सुखाड़िया सर्किल, शोभागपुरा और हिरणमगरी क्षेत्रों की चौपाटियों पर संचालित फूड स्टॉल और ठेला संचालकों का कहना है कि उनके पास भी केवल दो दिन का गैस स्टॉक बचा है। यदि जल्द सप्लाई नहीं मिली तो उन्हें कोयले या डीजल भट्टी का सहारा लेना पड़ सकता है या फिर कुछ समय के लिए दुकान बंद करनी पड़ सकती है।
मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए होटल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया है और जल्द से जल्द कमर्शियल गैस सप्लाई बहाल करने की मांग की है।
कारोबारियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो पर्यटन सीजन के बीच उदयपुर के होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।