Edited By Anil Jangid, Updated: 02 Mar, 2026 08:07 PM

उदयपुर। उदयपुर जिले के कोटड़ा क्षेत्र के तीन गांवों सामोली, खूणा और पीपली में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) जोधपुर, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और उदयपुर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन ‘अंत:स्फोट’ के तहत बड़े पैमाने पर छापेमारी की। इस...
उदयपुर। उदयपुर जिले के कोटड़ा क्षेत्र के तीन गांवों सामोली, खूणा और पीपली में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) जोधपुर, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और उदयपुर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन ‘अंत:स्फोट’ के तहत बड़े पैमाने पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में कुल 170 एकड़ खेत में उगाई गई अफीम की भारी मात्रा पकड़ी गई।
एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक घनश्याम सोनी ने बताया कि इस इलाके में अफीम की अवैध खेती होने की सूचना प्राप्त हुई थी, जिसे जांच के बाद सही पाया गया। कार्रवाई में करीब पांच लाख अफीम के पौधे नष्ट किए गए, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 275 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
तीनों एजेंसियों ने मिलकर उक्त क्षेत्रों में दबिश देकर पौधों को जब्त किया और उन्हें नष्ट कर दिया। इसके साथ ही, पौधों की नष्ट करने और पंचनामा तैयार करने की कार्रवाई की जा रही है।
उदयपुर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती और तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के उद्देश्य से की गई है।
एनसीबी और एएनटीएफ की टीम ने बताया कि यह नष्ट की गई अफीम उच्च गुणवत्ता वाली थी और बाजार में इसकी कीमत 275 करोड़ रुपए तक आ सकती थी। यह कार्रवाई राज्य में नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस और नशीला नियंत्रण एजेंसियों की सतत सक्रियता का प्रमाण है।
स्थानीय प्रशासन ने कहा कि इस तरह के अभियान से न केवल अवैध खेती पर रोक लगेगी, बल्कि युवाओं को नशे की तरफ बढ़ने से बचाने में भी मदद मिलेगी। यह अभियान उदयपुर जिले में कानून-व्यवस्था और नशीले पदार्थों के नियंत्रण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस तरह, तीनों गांवों में ताबड़तोड़ कार्रवाई ने स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया और नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार के खिलाफ राज्य में सख्त संदेश भी भेजा है।