Edited By Anil Jangid, Updated: 21 Feb, 2026 03:32 PM

टोंक: टोंक शहर में कचरा संग्रहण व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली गाड़ियों के ड्राइवर और हेल्पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। ठेका कंपनी के तहत काम करने वाले कर्मचारियों की मुख्य मांगें समय पर वेतन भुगतान, बेहतर...
टोंक: टोंक शहर में कचरा संग्रहण व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली गाड़ियों के ड्राइवर और हेल्पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। ठेका कंपनी के तहत काम करने वाले कर्मचारियों की मुख्य मांगें समय पर वेतन भुगतान, बेहतर सुविधाएं और कार्यभार में कमी से जुड़ी हैं।
हड़ताल के कारण कई वार्डों में घर-घर से कचरा नहीं उठ पा रहा है। सड़कों, गलियों और चौराहों पर कचरे के ढेर लगने लगे हैं, जिससे बदबू और अस्वच्छता बढ़ गई है। शहरवासियों में स्वास्थ्य जोखिम को लेकर चिंता बढ़ गई है।
हड़ताल की वजहें
कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें कई महीनों से नियमित वेतन नहीं मिला है। कई कर्मचारियों ने बताया कि वेतन में देरी के कारण घरेलू खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। किराया और अन्य बिल समय पर चुकाना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसके अलावा, कर्मचारी नियमित मेडिकल जांच और स्वास्थ्य बीमा की मांग कर रहे हैं। कचरा उठाने का काम स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होने के बावजूद ठेका कंपनी कोई स्वास्थ्य सुविधा नहीं दे रही।
कार्यभार बढ़ने से तनाव
कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान में एक कचरा गाड़ी पर दो या अधिक वार्डों की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। इससे काम का बोझ बहुत अधिक बढ़ गया है और पूरे वार्ड का कचरा एक दिन में नहीं उठ पाता। कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि गाड़ियों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि प्रत्येक गाड़ी पर केवल एक वार्ड का काम हो।
साथ ही, सप्ताह में कम से कम एक दिन का साप्ताहिक अवकाश देने की मांग भी की गई है। कर्मचारी मानते हैं कि बिना अतिरिक्त गाड़ियों और उचित अवकाश के सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल सकती।
शहरवासियों का कहना है कि यदि हड़ताल जल्द समाप्त नहीं हुई तो स्वास्थ्य और स्वच्छता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। नगर निगम और ठेका कंपनी से अपेक्षा है कि वे कर्मचारियों की मांगों को शीघ्र सुनें और समाधान निकालें, ताकि टोंक में कचरा संग्रहण फिर से नियमित हो सके।