Edited By Anil Jangid, Updated: 19 Jan, 2026 04:42 PM

राजसमंद। राजसमंद जिले में शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एनआरआई ज्योति कोठारी ने एक और सराहनीय कदम बढ़ाया है। जिले के भील आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में स्थित दो सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को गोद लेकर उन्होंने वहां पढ़ने वाले बच्चों...
राजसमंद। राजसमंद जिले में शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एनआरआई ज्योति कोठारी ने एक और सराहनीय कदम बढ़ाया है। जिले के भील आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में स्थित दो सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को गोद लेकर उन्होंने वहां पढ़ने वाले बच्चों के लिए बुनियादी एवं आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों की व्यवस्था की है। इस पहल से न केवल स्कूलों का भौतिक स्वरूप सुधरा है, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण भी मिला है।
राजसमंद की बेटी ज्योति कोठारी वर्तमान में ऑस्ट्रिया में निवास करती हैं। विदेश में रहते हुए भी उनका जुड़ाव अपने देश और जिले से बना हुआ है। वे ऑस्ट्रिया में भारतीय व्यंजन तैयार कर चेरिटी कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। इन कार्यक्रमों से प्राप्त होने वाली संपूर्ण आय भारत आकर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा, संसाधन और सुविधाओं पर खर्च की जाती है। इसी चेरिटी फंड के माध्यम से स्कूलों का चयन, आवश्यक सामग्री की उपलब्धता और बच्चों की पढ़ाई में सहयोग किया जाता है।
ज्योति कोठारी हर वर्ष राजसमंद आती हैं और ऐसे सरकारी विद्यालयों का चयन करती हैं, जहां शैक्षणिक सामग्री, आधुनिक उपकरण और आधारभूत सुविधाओं की कमी होती है। अब तक वे 20 सरकारी स्कूलों को गोद लेकर उन्हें साधन सम्पन्न बना चुकी हैं। उनके इस निरंतर प्रयास से कई ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों की तस्वीर बदल रही है।
स्कूल गोद लेने के बाद भवन का रंग-रोगन कराया जाता है। बच्चों को संपूर्ण पाठ्य सामग्री, आधुनिक शिक्षण उपकरण, खेल सामग्री और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके साथ ही जरूरतमंद और होनहार विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाती है, ताकि आर्थिक अभाव उनकी शिक्षा में बाधा न बने।
इस वर्ष ज्योति कोठारी ने राजकीय प्राथमिक स्कूल धानेला और राजकीय प्राथमिक स्कूल उपली वेर को गोद लिया है। दोनों ही विद्यालय भील आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में स्थित हैं। धानेला स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में स्कूली बच्चे, अभिभावक और ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ज्योति कोठारी के पिता गुण सागर कर्णावट, ऑस्ट्रिया से जेरी और उलास्ता राहुलकोवा, डॉ. महेन्द्र कर्णावट, दोनों स्कूलों की प्रधानाध्यापिकाएं तथा स्टाफ सदस्य शामिल हुए।