Edited By Ishika Jain, Updated: 24 Apr, 2026 08:09 PM

हनुमानगढ़ में महिला आरक्षण को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। गुरुवार को भाजपा की प्रेस वार्ता के बाद कांग्रेस ने भी जिला कार्यालय में मीडिया से बातचीत कर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।
हनुमानगढ़ में महिला आरक्षण को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। गुरुवार को भाजपा की प्रेस वार्ता के बाद कांग्रेस ने भी जिला कार्यालय में मीडिया से बातचीत कर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़ा कानून सितंबर 2023 में पारित हो चुका है, लेकिन इसे लागू करने में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है।
इस दौरान महिला कांग्रेस की प्रदेश सचिव कृतिका चौधरी, पूर्व जिला प्रमुख कविता मेघवाल और जिलाध्यक्ष सुलोचना बावरी सहित अन्य नेताओं ने सरकार की मंशा पर संदेह जताया। उनका कहना था कि परिसीमन जैसी शर्तें जोड़कर आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया को जानबूझकर धीमा किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आशंका जताई कि परिसीमन लागू होने से क्षेत्रीय असंतुलन और राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ सकता है। उन्होंने मांग की कि वर्तमान सीटों के आधार पर ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए, ताकि उन्हें जल्द से जल्द राजनीतिक भागीदारी मिल सके।
नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कानून लागू करने को लेकर अभी भी स्पष्ट रुख नहीं अपना रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो इस मुद्दे को लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष मक्कासर सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।