कोटा में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला, सरकार ने लिया संज्ञान, SMS से 4 चिकित्सकों की टीम कोटा भेजी

Edited By Ishika Jain, Updated: 06 May, 2026 08:06 PM

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कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के दौरान प्रसूताओं का स्वास्थ्य बिगड़ने के मामले को राज्य सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने घटना की पूरी जानकारी लेकर प्रसूताओं के उपचार में सहयोग...

जयपुर। कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के दौरान प्रसूताओं का स्वास्थ्य बिगड़ने के मामले को राज्य सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने घटना की पूरी जानकारी लेकर प्रसूताओं के उपचार में सहयोग के लिए सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से 4 विशेषज्ञ चिकित्सकों का दल तत्काल कोटा भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रकरण की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं। 

चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि घटना के तुरंत बाद इन प्रसूताओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कोटा में ही सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (SSB) के नेफ्रोलॉजी विभाग में भर्ती कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार दिया जा रहा है। सभी प्रसूताओं की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा आवश्यकतानुसार उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

गायत्री राठौड़ ने बताया कि प्रसूताओं के उपचार में सहयोग के लिए सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज, जयपुर से 4 विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम को कोटा भेजा गया है। इनमें निश्चेतना विभाग के डॉ. निहार शर्मा, मेडिसिन विभाग के डॉ. सुनील कुमार महावर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के डॉ. पवन अग्रवाल, नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉ. संजीव कुमार शर्मा शामिल हैं। यह टीम मौके पर पहुंचकर उपचार एवं जांच प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करेगी तथा पूरे मामले का विस्तृत मूल्यांकन करेगी। साथ ही, कोटा मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं अन्य अधिकारियों को प्रसूताओं को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने एवं उनके स्वास्थ्य की सघन मॉनिटरिंग के लिए निर्देश दिए गए हैं। 

प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि प्रकरण की पूरी जांच करवाने के भी निर्देश दिए गए हैं। दोषी अधिकारियों और कार्मिकों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि जांच पूरी पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ की जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।

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