राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने छत्तीसगढ़ CM विष्णु देव साय से की मुलाकात, शदाणी दरबार में किए दर्शन

Edited By Ishika Jain, Updated: 22 Oct, 2026 04:18 PM

vasudev devnani meets vishnu deo sai shadani darbar raipur

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने रायपुर में छत्तीसगढ़ के CM विष्णु देव साय से मुलाकात की। शदाणी दरबार में दर्शन कर संत युधिष्ठिर लाल से आशीर्वाद लिया।

जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों और मुद्दों पर सौहार्दपूर्ण चर्चा हुई। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने रायपुर स्थित पूज्य शदाणी दरबार पहुंचकर दर्शन किए और नवम पीठाधीश्वर संत युधिष्ठिर लाल से मुलाकात कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

CM विष्णु देव साय से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा

मुख्यमंत्री निवास पर हुई मुलाकात के दौरान वासुदेव देवनानी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का पुष्पगुच्छ भेंट कर और दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया। वहीं, मुख्यमंत्री साय ने भी देवनानी का स्वागत किया।

इस शिष्टाचार भेंट में दोनों के बीच विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। मुलाकात को आपसी संवाद, समन्वय और परस्पर सहयोग की भावना से जोड़कर देखा गया। हालांकि, चर्चा में शामिल विशिष्ट मुद्दों का विस्तृत ब्योरा जारी नहीं किया गया।

शदाणी दरबार में किए दर्शन, संत युधिष्ठिर लाल से लिया आशीर्वाद

छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी रायपुर स्थित पूज्य शदाणी दरबार भी पहुंचे। यहां उन्होंने दर्शन किए और दरबार के नवम पीठाधीश्वर परम पूज्य संत युधिष्ठिर लाल से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया।

इस अवसर पर सेवा, सत्संग, संस्कार और भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। संत युधिष्ठिर लाल ने देवनानी का अभिवादन किया।

सेवा, संस्कार और भारतीय संस्कृति का प्रमुख केंद्र है शदाणी दरबार

वासुदेव देवनानी ने शदाणी दरबार को ऐतिहासिक तीर्थस्थल बताते हुए कहा कि यह स्थल सेवा, सत्संग, आध्यात्मिक साधना और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। यहां आयोजित आध्यात्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से समाज में सद्भाव, सेवा, संस्कार और मानवीय मूल्यों को प्रोत्साहित किया जाता है।

उन्होंने बताया कि शदाणी दरबार की नींव संत शदाराम साहिब ने रखी थी और इस तीर्थ की परंपरा सवा सौ वर्ष से अधिक पुरानी है। परिसर में रामायण और महाभारत की कथाओं को दर्शाती सुंदर प्रतिमाएं, संगीतमय फव्वारे और खूबसूरत बगीचा भी मौजूद हैं।

इस अवसर पर इंदौर के सांसद शंकर लालवानी, छत्तीसगढ़ की पूर्व मंत्री निर्मला वाधवानी, सुरेश खत्री सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

वासुदेव देवनानी का यह छत्तीसगढ़ प्रवास राजनीतिक शिष्टाचार के साथ-साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा।

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!