Edited By Anil Jangid, Updated: 15 Apr, 2026 06:11 PM

जोधपुर: भोपालगढ़ झालामलिया गांव में मंगलवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। इस हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्य अपनी जान से हाथ धो बैठे। मृतकों में बाबूराम, उनकी पत्नी बेबी और उनका मासूम बेटा विवान शामिल हैं।
जोधपुर: भोपालगढ़ झालामलिया गांव में मंगलवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। इस हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्य अपनी जान से हाथ धो बैठे। मृतकों में बाबूराम, उनकी पत्नी बेबी और उनका मासूम बेटा विवान शामिल हैं। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के वीरेंद्र नामक एक व्यक्ति की भी मौत हो गई, जो परिवार के साथ था। जैसे ही ये दुखद खबर गांव में पहुंची, सभी लोग स्तब्ध रह गए। पूरा गांव सन्नाटे में डूबा हुआ है।
हादसा तब हुआ जब बाबूराम और उनका परिवार बाड़मेर स्थानांतरण के लिए घर का सामान ट्रॉली में लादकर जा रहे थे। वे नए घर में बसने की खुशी में थे, लेकिन रास्ते में एक भयंकर दुर्घटना का शिकार हो गए। बाबूराम, जिनकी पहचान गांव में एक मिलनसार और मददगार व्यक्ति के रूप में थी, और उनकी पत्नी बेबी, जो घर संभालती थीं, दोनों की मौत ने पूरे गांव को शोकाकुल कर दिया। उनका बेटा विवान अभी स्कूल जाने की उम्र का नहीं था। उसकी मासूमियत और हंसी की आवाजें गांव में अब सबको याद आ रही हैं।
गांव में यह हादसा गहरे शोक का कारण बन गया है। कई घरों में चूल्हे तक नहीं जल रहे, और महिलाएं आँसू पोछते हुए कह रही हैं, “एक परिवार के तीनों चिराग एक साथ बुझ गए।” गांव के बुजुर्ग भी इस दुःख को समझ नहीं पा रहे हैं, सिर झुकाए बैठे हैं। बच्चे भी इस गहरे शोक का कारण नहीं समझ पा रहे हैं।
तीनों शव बुधवार को गांव पहुंचेगें, और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हो गई है। पूर्व सरपंच प्रतिनिधि और अन्य सम्मानित लोग घटनास्थल पर पहुंचकर अंतिम यात्रा की व्यवस्थाओं में जुटे हैं। पूरा गांव इस दर्द को एक साथ महसूस कर रहा है, और सभी की आंखों में केवल आंसू हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस गांव ने पहले कभी इतना बड़ा हादसा नहीं देखा। यह हादसा गांव के लोगों के लिए एक काला दिन बनकर रह गया है।