Edited By Anil Jangid, Updated: 11 Apr, 2026 04:05 PM

जोधपुर। बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के आगामी चुनाव को लेकर प्रदेशभर में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जहां एक ओर अधिवक्ता उम्मीदवार जोर-शोर से प्रचार अभियान में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर इस चुनाव की तैयारियों के दौरान जोधपुर स्थित गवर्नमेंट प्रेस ने एक...
जोधपुर। बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के आगामी चुनाव को लेकर प्रदेशभर में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जहां एक ओर अधिवक्ता उम्मीदवार जोर-शोर से प्रचार अभियान में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर इस चुनाव की तैयारियों के दौरान जोधपुर स्थित गवर्नमेंट प्रेस ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। सीमित संसाधनों और भारी स्टाफ की कमी के बावजूद यहां के कर्मचारियों ने रिकॉर्ड समय में विशाल बैलेट पेपर छापकर अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया है।
गवर्नमेंट प्रेस के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी जसवंत सिंह राजपुरोहित ने बताया कि अपने 26-27 साल के लंबे सेवा काल में उन्होंने पहली बार इतना बड़ा बैलेट पेपर देखा है। इस बार के चुनाव में कुल 234 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिसके चलते बैलेट पेपर का आकार सामान्य से कहीं अधिक बड़ा हो गया है। यह बैलेट पेपर लगभग 20x36 इंच का है, जो सामान्य परीक्षा कॉपी से लगभग चार गुना बड़ा माना जा रहा है। पूरे राजस्थान के लिए करीब एक लाख बैलेट पेपर छापे जा रहे हैं।
इस बड़े कार्य को अंजाम देना गवर्नमेंट प्रेस के लिए आसान नहीं था, क्योंकि यहां मात्र 24 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से 17 से 18 कर्मचारी 55 वर्ष से अधिक आयु के हैं। इसके अलावा कंप्यूटर ऑपरेटर, इलेक्ट्रिशियन और मैकेनिक जैसे तकनीकी पदों की भी भारी कमी है। इसके बावजूद कर्मचारियों ने दो शिफ्टों में 12-12 घंटे काम करते हुए लगातार 48 घंटे तक बिना रुके उत्पादन जारी रखा।
प्रेस प्रशासन के अनुसार, यह कार्य दोपहर 2 बजे शुरू हुआ था और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। अब तक आधी सप्लाई भेजी भी जा चुकी है, जबकि शेष सामग्री जल्द ही पूरे राज्य में भेजी जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहली बार है जब जोधपुर गवर्नमेंट प्रेस को बार काउंसिल के इतने बड़े चुनाव के बैलेट पेपर छापने की जिम्मेदारी मिली है। संजय सिंह ने भी इस कार्य को एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद कर्मचारियों ने जिस समर्पण और टीम भावना के साथ काम किया है, वह सराहनीय है।
यह पूरा घटनाक्रम न केवल प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी सरकारी संस्थान किस प्रकार महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यों को समय पर पूरा कर सकते हैं।