Edited By Anil Jangid, Updated: 06 Sep, 2026 01:51 PM

जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव का शोर तेज हो गया है। प्रत्याशी चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक रहे हैं और मतदाता भी मतदान की तैयारी में जुटे हैं। इस बीच उन मतदाताओं के लिए राहत की खबर है, जिनका नाम वोटर लिस्ट में दर्ज है, लेकिन उनके पास वोटर...
जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव का शोर तेज हो गया है। प्रत्याशी चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक रहे हैं और मतदाता भी मतदान की तैयारी में जुटे हैं। इस बीच उन मतदाताओं के लिए राहत की खबर है, जिनका नाम वोटर लिस्ट में दर्ज है, लेकिन उनके पास वोटर आईडी यानी EPIC कार्ड नहीं है। ऐसे मतदाता भी अपना वोट डाल सकेंगे। इसके लिए चुनाव आयोग ने 11 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों को मान्यता दी है।
राजस्थान में नगरीय निकाय आम चुनाव के लिए मतदान दो चरणों में कराया जा रहा है। मतदान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM का इस्तेमाल किया जाएगा। वोट डालने के लिए मतदाता की पहचान जरूरी होगी। जिन मतदाताओं के पास EPIC यानी वोटर आईडी कार्ड उपलब्ध नहीं है, वे आयोग द्वारा मान्य किसी एक मूल फोटो पहचान दस्तावेज को मतदान केंद्र पर प्रस्तुत कर सकते हैं।
मतदाताओं को यह ध्यान रखना होगा कि उनके पास संबंधित दस्तावेज का मूल दस्तावेज होना चाहिए। इनमें सबसे प्रमुख आधार कार्ड है। इसके अलावा विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण से संबंधित दस्तावेज, बैंक या डाकघर की ओर से जारी फोटोयुक्त पासबुक भी पहचान के लिए मान्य दस्तावेजों में शामिल हैं।
इसी तरह श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड या आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड भी मतदान के लिए वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं। मतदाता भारतीय पासपोर्ट दिखाकर भी अपनी पहचान साबित कर सकते हैं।
इसके अलावा फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केंद्र या राज्य सरकार, लोक उपक्रम अथवा पब्लिक लिमिटेड कंपनियों की ओर से कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र भी मान्य हैं। सांसदों और विधानसभा सदस्यों को जारी सरकारी पहचान पत्र तथा यूनिक डिसएबिलिटी आईडी कार्ड (UDID) भी इस सूची में शामिल हैं।
यानी अगर किसी मतदाता के पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है, तो उसे मतदान से वंचित होने की चिंता करने की जरूरत नहीं है। हालांकि सबसे जरूरी बात यह है कि मतदाता का नाम संबंधित मतदाता सूची में दर्ज होना चाहिए। केवल पहचान दस्तावेज होने से मतदान का अधिकार नहीं मिल जाता। मतदान केंद्र पर पहचान का सत्यापन किए जाने के बाद ही मतदाता को वोट डालने की अनुमति दी जाएगी।
अब अगर जयपुर जिले की बात करें तो यहां नगर निगम सहित कुल 19 नगरीय निकायों में बड़ी संख्या में मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। जिले में कुल 28 लाख 25 हजार 46 मतदाता दर्ज हैं। इनमें 14 लाख 63 हजार 1 पुरुष, 13 लाख 61 हजार 949 महिला और 96 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।
जयपुर नगर निगम क्षेत्र में कुल 24 लाख 33 हजार 121 मतदाता हैं। इनमें 12 लाख 61 हजार 380 पुरुष, 11 लाख 71 हजार 649 महिला और 92 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। वहीं चौमूं नगर परिषद में 53 हजार 182 और शाहपुरा नगर परिषद में 64 हजार 106 मतदाता दर्ज हैं।
ऐसे में मतदान से पहले मतदाताओं के लिए यह जरूरी है कि वे अपना नाम वोटर लिस्ट में जरूर जांच लें और मतदान के दिन मान्य फोटो पहचान दस्तावेज अपने साथ लेकर जाएं। खासकर जिन मतदाताओं के पास EPIC कार्ड नहीं है, वे ऊपर बताए गए 11 दस्तावेजों में से किसी एक का मूल दस्तावेज साथ रख सकते हैं।
कुल मिलाकर राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में वोट डालने के लिए वोटर आईडी कार्ड जरूरी पहचान पत्रों में से एक है, लेकिन यह अकेला विकल्प नहीं है। अगर आपका नाम मतदाता सूची में है और आपके पास वोटर ID नहीं है, तो आयोग द्वारा मान्य वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेज के जरिए आप अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं।