Edited By Raunak Pareek, Updated: 30 Nov, 2025 04:47 PM

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने एसआईआर प्रक्रिया पर कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों, जीडीपी वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और विकास कार्यों के आंकड़े प्रस्तुत किए।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर की गई बयानबाजी एवं भ्रामक आरोपों का करारा जवाब दिया है। गोदारा ने तथ्यों के साथ अपनी बात रखते हुए कहा कि कांग्रेस देश की जनता का विश्वास और जनाधार पूरी तरह खो चुकी है। इसका प्रमाण हमें हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों से स्पष्ट रूप से मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस चुनाव हारने पर ईवीएम का राग अलापती थी और संवैधानिक संस्थाओं पर सवालिया निशान लगाती थी, मगर सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्टीकरण के बाद अब कांग्रेस और उसके सहयोगी दल एसआईआर को लेकर भ्रामक बयानबाजी करने लग गए हैं। कांग्रेस को इस देश के नागरिकों की नहीं बल्कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या जैसे घुसपैठियों की चिंता सता रही है।
कांग्रेस करें बिहार चुनाव में करारी हार की समीक्षा
गोदारा ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को एसआईआर पर भ्रामक राजनीति करने के बजाय बिहार चुनाव में मिली करारी हार की समीक्षा करनी चाहिए। देश की जनता कांग्रेस के नहीं, बल्कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके विकास कार्यों के साथ है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि एसआईआर का एकमात्र उद्देश्य निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना है। इससे मतदाता सूची और अधिक शुद्ध बनेगी तथा मृतक, प्रवासी, गलत पत्ते और दोहरी प्रविष्टियों वाले लोग हट जाएंगे और सिर्फ पात्र मतदाता ही सूची में रहेंगे। गोदारा ने आरोप लगाया कि एसआईआर से कांग्रेस को जो डर सता रहा है, वह नाम जुड़ने का नहीं बल्कि कांग्रेस के फर्जी वोटरों के नाम कटने का है। एसआईआर अपात्र मतदाताओं को हटाने और अनियमितताओं पर रोक लगाने का एक मजबूत जरिया है। उन्होंने आमजन से एसआईआर प्रक्रिया में अधिक से अधिक सहयोग कर लोकतंत्र को मजबूत बनाने की अपील की।
राजस्थान की जीडीपी दर राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा
गोदारा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान तेजी से विकास करते हुए 12.2 प्रतिशत की जीडीपी से आगे बढ़ रहा है जो राष्ट्रीय औसत 9.7 प्रतिशत से कहीं आगे है। गहलोत जी के कार्यकाल में वर्ष 2020-21 में राज्य का राजकोषीय घाटा (FISCAL DEFICIT) राज्य सकल घरेलू उत्पाद का 5.83 प्रतिशत हो गया था जिसे हमारी सरकार ने वर्ष 2024-25 में घटाकर 4.25 प्रतिशत तक किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने धरातल पर ठोस कार्य किया है जबकि कांग्रेस सरकार अपने पांच साल के कार्यकाल में सिर्फ हवाबाजी ही करती रही।
भाजपा सरकार के 22 माह कांग्रेस शासन के पांच साल पर भारी
गोदारा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार पर आरोप लगाने से पूर्व अपनी सरकार के पांच साल के कार्यकाल पर नजर नहीं डाली। यदि वे ऐसा करते तो उन्हें पता लगता कि उनके पांच साल के कार्यकाल पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के शुरूआती 22 माह का कार्यकाल ही भारी पड़ रहा है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार में पांच साल में सिर्फ 57 राजकीय महाविद्यालयों के भवन बने जबकि वर्तमान सरकार के 22 माह में 177 भवनों का निर्माण किया गया है। कांग्रेस शासन में केवल 49 पशु चिकित्सालयों का प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नयन हुआ जबकि भाजपा सरकार में 22 माह में ही 101 पशु चिकित्सालय प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालयों में क्रमोन्नत हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत जी के नेतृत्व में पूर्व सरकार के पांच साल में सिर्फ 6614 किलोमीटर मिसिंग लिंक सड़कों का निर्माण हुआ जबकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में 22 माह में 8557 किलोमीटर मिसिंग लिंक सड़कें बन चुकी हैं। यदि नई सड़कों की बात करें तो कांग्रेस कार्यकाल में 13160 किलोमीटर सड़कें बनीं जबकि उससे कहीं ज्यादा 15684 किलोमीटर सड़कें वर्तमान सरकार के 22 माह में ही बन चुकी हैं। इसी प्रकार, पिछली सरकार में पांच साल में केवल 515 उप स्वास्थ्य केन्द्र के भवन बने जबकि वर्तमान सरकार में 22 माह में 872 उप स्वास्थ्य केन्द्रों का निर्माण हो चुका हैं।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन का नियमित रूप से हो रहा भुगतान
गोदारा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत सामाजिक सुरक्षा पेंशन को लेकर भी आमजन में भ्रम फैला रहे है। कांग्रेस के शासनकाल में सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान 3-4 माह की देरी से हो रहा था जबकि हमारी सरकार के समय में गत माह में देय पेंशन का भुगतान चालू माह में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 12 हजार 866 करोड़ रुपये का सामाजिक सुरक्षा पेंशन के रूप में भुगतान किया जो कि वर्ष 2023-24 में किए गये भुगतान से 34.10 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार हमारी सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 में भी 16 हजार 591 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। गोदारा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली जन कल्याणकारी सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर वेट कम करने, राज्य कर्मचारियों की ग्रेच्यूटी सीमा बढ़ाने, पारिवारिक पेंशन बढ़ाने, आरजीएचएस के तहत बुजुर्ग लाभार्थियों को डोर स्टेप डिलीवरी की सुविधा देने, पत्नी के साथ संयुक्त रूप से खरीदी गई संपति पर स्टाम्प ड्यूटी पर छूट देने जैसे महत्वपूर्ण जनहितैषी निर्णय लिए हैं।