खाजूवाला विधानसभा क्षेत्र में 82 पशु चिकित्सा संस्थान स्वीकृत: पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने दी जानकारी

Edited By Payal Choudhary, Updated: 10 Mar, 2026 05:48 PM

khajuwala 82 veterinary hospitals approved rajasthan animal husbandry minister

राजस्थान सरकार पशुपालन और पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि बीकानेर जिले के खाजूवाला विधानसभा क्षेत्र में कुल 82 पशु चिकित्सा...

राजस्थान सरकार पशुपालन और पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि बीकानेर जिले के खाजूवाला विधानसभा क्षेत्र में कुल 82 पशु चिकित्सा संस्थान स्वीकृत हैं

मंत्री ने यह जानकारी विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सदस्य विश्वनाथ मेघवाल द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्न के जवाब में दी।

82 पशु चिकित्सा संस्थान स्वीकृत

पशुपालन मंत्री ने बताया कि खाजूवाला क्षेत्र में पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों के पशु चिकित्सा संस्थान संचालित किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि खाजूवाला विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में निम्न संस्थान स्वीकृत हैं—

  • 2 ब्लॉक वेटेरनरी हेल्थ ऑफिस

  • 2 प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सा चिकित्सालय

  • 13 पशु चिकित्सा चिकित्सालय

  • 65 पशु चिकित्सा उपकेंद्र

इन सभी को मिलाकर क्षेत्र में कुल 82 पशु चिकित्सा संस्थान स्वीकृत किए गए हैं।

पशुपालकों को मिलेगा सीधा लाभ

मंत्री ने कहा कि इन संस्थानों के माध्यम से क्षेत्र के पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज, टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग पशुपालन पर निर्भर हैं। ऐसे में पशु चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता से पशुओं की बीमारियों का समय पर उपचार संभव होगा।

इसके साथ ही पशुधन की उत्पादकता भी बढ़ेगी, जिससे किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि होने की संभावना है।

उपकेंद्र और चिकित्सालय को किया जाएगा क्रमोन्नत

पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने यह भी बताया कि यदि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि की ओर से प्रस्ताव प्राप्त होता है तो खाजूवाला में एक पशु चिकित्सा उपकेंद्र और एक पशु चिकित्सालय को प्रथम श्रेणी में क्रमोन्नत किया जाएगा

इससे क्षेत्र में पशु चिकित्सा सेवाओं का स्तर और अधिक बेहतर हो सकेगा।

प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय बनने से वहां अधिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जैसे—

  • विशेषज्ञ पशु चिकित्सक

  • उन्नत उपचार सुविधाएं

  • आपातकालीन पशु चिकित्सा सेवाएं

  • आधुनिक उपकरण

आवश्यकता और संसाधनों के आधार पर खुलते हैं नए संस्थान

मंत्री ने स्पष्ट किया कि नए पशु चिकित्सा संस्थान खोलने का निर्णय क्षेत्र की आवश्यकता और उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के आधार पर लिया जाता है

राज्य सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को उनके नजदीक ही चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने कहा कि जहां पशुपालन गतिविधियां अधिक हैं और स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत है, वहां नए पशु चिकित्सा संस्थान खोलने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने पर जोर

राजस्थान में पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्य सरकार पशुधन के संरक्षण और विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है।

पशु चिकित्सा संस्थानों के विस्तार से—

  • पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार होगा

  • दूध उत्पादन बढ़ेगा

  • पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी

  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी

सरकार का प्रयास है कि पशुपालन क्षेत्र को आधुनिक तकनीक और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं से जोड़ा जाए।

विधानसभा में उठाया गया मुद्दा

विधानसभा में सदस्य विश्वनाथ मेघवाल ने खाजूवाला क्षेत्र में पशु चिकित्सा सुविधाओं को लेकर सवाल उठाया था।

इसके जवाब में पशुपालन मंत्री ने क्षेत्र में संचालित संस्थानों का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि सरकार पशुपालकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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