Rajasthan में Monsoon फिर हुआ सुस्त, औसत से 10.29% Rain कम और 14 जिले सूखे

Edited By Anil Jangid, Updated: 19 Aug, 2026 11:46 AM

rajasthan monsoon weakens again rainfall 10 29 below average

जयपुर। राजस्थान में बारिश को लेकर एकबार फिर किसानों के माथे पर सिलवलटे पड़ चुकी हैं। क्योंकि मानसून अगस्त में दो हफ्ते बरसने के बाद एकबार फिर सुस्त पड़ गया है। राज्य में चार दिन से बारिश थमने से औसत आंकड़ा 309.66 एमएम रह गया जो 10.29 प्रतिशत यानि...

जयपुर। राजस्थान में बारिश को लेकर एकबार फिर किसानों के माथे पर सिलवलटे पड़ चुकी हैं। क्योंकि मानसून अगस्त में दो हफ्ते बरसने के बाद एकबार फिर सुस्त पड़ गया है। राज्य में चार दिन से बारिश थमने से औसत आंकड़ा 309.66 एमएम रह गया जो 10.29 प्रतिशत यानि 277 एमएम से नीचे है। हालांकि, 20 से 24 तक अगस्त तक हल्की बारिश के आसार हैं। लेकिन फिर सितंबर के पहले हफ्ते तक मानसून कमजोर रहेगा। जलसंसाधन विभाग के अनुसार जोधपुर, उदयपुर, कोटा में सबसे कम बारिश हुई है। इसी के साथ ही 14 जिले सूखे की चपेट में आ चुके हैं। इधर, निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर अनुमान 85 प्रतिशत कर दिया है जो अप्रैल में 94 प्रतिशत था। सितंबर से सुपर अलनीनो प्रभावी होने का संकेत है, जो दिसंबर तक रहेगा। इससे देशभर में सूखे की आशंका 70% तक मानी गई है।

 

राजस्थान में संभाग स्तर पर बारिश का आंकड़ा देखें तो जोधपुर में सबसे कम 20% हुई है। जबकि उदयपुर में ओसत से 15.18% कम बारिश हुई है। कोटा संभाग की बात करें तो यहां पर ओसत से 16.25% प्रतिशत कम बारिश हुई है।

 

राजस्थान में प्रमुख बांधों की स्थिति की बात करें तो यहां के जलाशयों में महज 49% पानी है जिसके चलते जोधपुर में सबसे बुरे हाल हैं। राज्य के बांधों में पिछले साल की तुलना में पानी की स्थिति कमजोर है। 693 बांधों में अभी 49.82 प्रतिशत पानी है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 77.01 प्रतिशत जलभराव था। प्रदेश में 223 बांध पूरी तरह खाली हैं, 454 आंशिक रूप से भरे हैं और सिर्फ 16 बांध पूरी तरह भर पाए हैं।

 

क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो कोटा संभाग में जलभराव की स्थिति बेहतर है। कोटा जोन के बांधों में सर्वाधिक 62.74 प्रतिशत पानी मौजूद है। इसके विपरीत, जोधपुर जोन के बांधों में सबसे कम 18.49 प्रतिशत पानी ही बचा है। अन्य संभागों में बांसवाड़ा जोन 51.06 प्रतिशत जलभराव के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि जयपुर जोन में 48.88 प्रतिशत, उदयपुर जोन में 38.35 प्रतिशत और भरतपुर जोन में 35.71 प्रतिशत पानी दर्ज किया गया है।

 

अगर प्रमुख बांधों के जलस्तर की बात करें तो 10 अगस्त तक दर्ज आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के प्रमुख बड़े बांधों में जलस्तर की स्थिति अलग-अलग बनी हुई है। कोटा बैराज में सबसे ज्यादा 96.43 प्रतिशत जलभराव दर्ज हुआ है। इसके अतिरिक्त जवाहर सागर बांध में 70.96 प्रतिशत और राणा प्रताप सागर बांध में 67.23 प्रतिशत पानी उपलब्ध है। राजधानी जयपुर समेत अन्य क्षेत्रों की जल आपूर्ति से जुड़े प्रमुख बीसलपुर बांध में इस समय 65.07 प्रतिशत जलभराव हो चुका है।

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!